“हर जरूरतमंद तक पहुंचे न्याय, लीगल एड क्लिनिक बनें भरोसे का केंद्र: मरियम हेमरोम”

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की सचिव मरियम हेमरोम ने सोमवार को जिले के विभिन्न लीगल एड क्लिनिकों का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने गरजा, कोचेडेगा, सदर अस्पताल, बाल कल्याण समिति और मंडल कारा स्थित लीगल एड क्लिनिकों का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों और कार्य निष्पादन का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मरियम हेमरोम ने पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर्स) और संबंधित कर्मियों से क्लिनिकों में आने वाले मामलों, उनके निष्पादन, जागरूकता कार्यक्रमों और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लीगल एड क्लिनिक केवल कानूनी सलाह देने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि गरीब, महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य वंचित वर्गों को न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम हैं।
सदर अस्पताल स्थित लीगल एड क्लिनिक के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आने वाले कई लोग अपने कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ रहते हैं, ऐसे में उन्हें उचित परामर्श और निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने पीएलवी को नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बाल कल्याण समिति परिसर में निरीक्षण के दौरान सचिव ने बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संरक्षण की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे को समय पर कानूनी सहायता और उसके अधिकारों की जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि उसके सर्वोत्तम हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वहीं, मंडल कारा स्थित लीगल एड क्लिनिक में उन्होंने बंदियों से मुलाकात कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी पात्र बंदी निःशुल्क कानूनी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। साथ ही अधिवक्ताओं और पीएलवी को नियमित रूप से बंदियों के संपर्क में रहने और उनकी कानूनी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।

गरजा और कोचेडेगा स्थित क्लिनिकों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने रजिस्टरों और अन्य अभिलेखों की जांच करते हुए सभी मामलों का अद्यतन रिकॉर्ड रखने, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
मरियम हेमरोम ने कहा कि न्याय तक आमजन की आसान पहुंच सुनिश्चित करना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी लीगल एड क्लिनिकों को पूरी सक्रियता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
















