पेपर लीक आंदोलन के बाद वायरल हुआ दिल्ली पुलिस का फर्जी नोटिस, पुलिस ने बताया भ्रामक

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस के नाम से जारी एक कथित नोटिस तेजी से वायरल हो रहा है। नोटिस में दावा किया गया है कि दिल्ली पुलिस फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का इस्तेमाल कर लोगों को परेशान कर रही है और उनकी आजादी पर गैर-कानूनी तरीके से रोक लगा रही है।
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इस वायरल दावे पर दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। पुलिस ने कहा कि वायरल हो रहा नोटिस दिल्ली पुलिस द्वारा जारी नहीं किया गया है और इसकी कोई आधिकारिक मान्यता नहीं है।
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दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर किसी भी व्यक्ति को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही किसी की स्वतंत्रता पर अवैध रोक लगाई गई है। ऐसे सभी दावे निराधार हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। किसी भी सूचना की पुष्टि केवल दिल्ली पुलिस के आधिकारिक माध्यमों से ही करें और फर्जी संदेशों को आगे साझा करने से बचें।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन तेज हुआ है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कई भ्रामक दावे भी वायरल हो रहे हैं, जिन पर संबंधित एजेंसियां समय-समय पर स्पष्टीकरण जारी कर रही हैं।
















