झारखंड में ऊर्जा क्षेत्र को नई रफ्तार: 24 घंटे बिजली, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और स्मार्ट ग्रिड पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा में दिए कई अहम निर्देश

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की अद्यतन योजनाओं और परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बिजली पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाया जाए ताकि राज्य की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के उपायुक्तों से संवाद कर बिजली आपूर्ति, पावर ग्रिड निर्माण और भूमि संबंधी समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी बाधाओं का अगले 10 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के सभी शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बिजली कटौती की शिकायतों के स्थायी समाधान, ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाने तथा उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से मिले। उन्होंने लाभुकों की पहचान, योजना के क्रियान्वयन और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड
राजधानी रांची की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड के माध्यम से बिजली वितरण प्रणाली अधिक आधुनिक होगी, बिजली आपूर्ति की निगरानी बेहतर होगी, तकनीकी खराबियों का त्वरित समाधान संभव होगा तथा ऊर्जा हानि में कमी आएगी।
सौर ऊर्जा और जलविद्युत परियोजनाओं को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने राज्य में जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं को विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने हुंडरू, जोन्हा सहित विभिन्न जलप्रपातों और जलाशयों की क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को डूरंड कप-2026 के उद्घाटन समारोह का निमंत्रण
इसके साथ ही फ्लोटिंग सोलर, रूफटॉप सोलर और बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और झारखंड स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
सिकिदिरी पावर प्लांट का होगा आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की समीक्षा करते हुए आधुनिक तकनीक के उपयोग से इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा दक्ष मशीनों के इस्तेमाल और कम जल में अधिक बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने की दिशा में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
एआई आधारित मॉनिटरिंग और स्मार्ट मीटरिंग पर फोकस
ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा ताकि बिजली उपभोग की सटीक निगरानी और बेहतर सेवा सुनिश्चित की जा सके।
ऊर्जा विभाग में होगी भर्ती
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और उससे जुड़े संस्थानों में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों को शीघ्र भरने और आवश्यक प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही ग्रामीण और पंचायत स्तर तक पर्याप्त तकनीकी कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने पर बल दिया।
अस्पतालों में होगी ड्यूल लाइन व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी सरकारी एवं प्रमुख अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में ड्यूल लाइन व्यवस्था लागू करने तथा ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं में किसी भी परिस्थिति में बिजली बाधित नहीं होने देने पर विशेष जोर दिया।
शिकायत निवारण प्रणाली होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और जन समस्या केंद्रों को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली संबंधी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन, ऊर्जा संचरण निगम के एमडी के.के. वर्मा सहित ऊर्जा विभाग और विभिन्न निगमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिलों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता डिजिटल माध्यम से जुड़े।
















