रांची : क्या टलेगा कल का स्टूडेंट प्रोटेस्ट? आज की रात बेहद अहम, सरकार ने मानीं 98% मांगें लेकिन CGL पर नहीं बनी बात

रांची : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीन दिनों तक चली मैराथन वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी है।सरकार चाह रही है की कल का प्रोटेस्ट ना हो । उन्होंने सरकार से आग्रह किया वो कल का विधानसभा घेराव ना करे । इसके लिए सरकार ने 14वीं JPSC और बैकलॉग 2023 व 2025 की परीक्षाएं रद्द करने पर सरकार सहमत हो गई है। TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाओं की जांच CID से कराने और जरूरत पड़ने पर आर्थिक अनियमितताओं की जांच ED से कराने की बात भी सहमत है।
सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। लेकिन इसके बावजूद आंदोलन पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा है। वजह है JSSC-CGL परीक्षा।

आज की रात तय करेगी कल क्या होगा?
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 10 अगस्त का प्रस्तावित छात्र विधानसभा मार्च टलेगा या नहीं? क्योंकि सरकार कुछ भी कहे छात्रों ने सरकार के चेहरे पर शिकन तो जरूर ला दिया है।
छात्र प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया है कि CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा है कि 10 अगस्त को छात्र शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा मार्च करेंगे।
यानी सरकार की ओर से कई बड़ी मांगें माने जाने के बावजूद कल का आंदोलन अभी भी पूरी तरह टला नहीं है।

सरकार बोली- 98% मांगें मान लीं
नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार ने छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। सरकार चाहती है कि छात्र आंदोलन समाप्त करें और बातचीत के जरिए आगे का रास्ता निकाला जाए।
सरकार के अनुसार आपराधिक मामलों की जांच CID से कराई जाएगी। आर्थिक गड़बड़ी के मामलों में ED से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। गंभीर मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ेगी।

JPSC और बैकलॉग पर बड़ी सहमति
वहीं वार्ता में 14वीं JPSC परीक्षा के साथ बैकलॉग 2023 और 2025 की परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बनी है। परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए IIM रांची और XLRI की टीम से सुझाव लेकर रिफॉर्म करने की बात भी कही गई है।
TDPL कंपनी की ओर से आयोजित परीक्षाओं की भी जांच CID से कराने पर सहमति बनी है।

लेकिन CGL बना सबसे बड़ा अड़ंगा
पूरे विवाद में फिलहाल JSSC-CGL सबसे बड़ा अड़ंगा बनकर सामने आया है।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्पष्ट किया कि CGL परीक्षा न्यायालय के आदेश के बाद आयोजित हुई है। इसलिए राज्य सरकार अपने स्तर से इसे रद्द नहीं कर सकती। जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, उनकी नियुक्ति भी सरकार अपने स्तर पर रद्द नहीं कर सकती।
हालांकि सरकार ने यह विकल्प जरूर रखा है कि जरूरत पड़ने पर CGL समेत अन्य मामलों की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली कमेटी से कराई जा सकती है।

छात्रों का रुख साफ- आंदोलन जारी रहेगा
दूसरी ओर छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी सबसे अहम मांगों में से एक CGL परीक्षा रद्द करने की मांग अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए आंदोलन खत्म करने का फैसला नहीं लिया गया है।
ऐसे में आज की रात छात्र संगठनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। छात्र प्रतिनिधि अपने साथियों के बीच जाकर सरकार के साथ हुई वार्ता और सहमतियों की जानकारी दे रहे है। इसके बाद ही देर रात तक कल के विधानसभा मार्च को लेकर अंतिम तस्वीर साफ होगी। हालांकि छात्र प्रोटेस्ट के लिए रांची आ रहे है।

क्या कल विधानसभा मार्च होगा?
एक तरफ सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। दूसरी तरफ छात्र CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं।
यही वह एक मुद्दा है, जिस पर पूरी बातचीत आकर अटक गई है।
अब सवाल सिर्फ इतना है—
क्या सरकार की बड़ी सहमतियों के बाद छात्र कल का विधानसभा मार्च टालेंगे? या CGL के मुद्दे पर गतिरोध के कारण 10 अगस्त को फिर सड़क पर उतरेंगे?
इसका फैसला आज की रात होने वाली छात्र प्रतिनिधियों की बैठक और आंदोलन को लेकर लिए जाने वाले अगले निर्णय से होगा।





















