CAG Report : जल जीवन मिशन में बड़ी गड़बड़ियां उजागर, 98 हजार योजनाओं में से दिसंबर 2024 तक सिर्फ 28% पूरी

CAG Report : झारखंड में हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। लेखापरीक्षा में योजना की तैयारी, बजट निर्धारण, कार्यों की निगरानी, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान और जल गुणवत्ता जांच से जुड़ी कई अनियमितताओं को उजागर किया गया है।

लेखापरीक्षा के अनुसार, राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत 24,360.91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 98,067 योजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें से 97,535 योजनाओं को 24,665.29 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत के साथ कार्यान्वयन के लिए शुरू किया गया। हालांकि, दिसंबर 2024 तक इनमें से केवल 27,249 योजनाएं यानी करीब 28 प्रतिशत ही पूरी हो सकीं। इससे योजना के लक्षित परिवारों तक लाभ पहुंचाने पर असर पड़ा।
घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने की रफ्तार भी धीमी
लेखापरीक्षा में बताया गया कि अगस्त 2019 में झारखंड में 52,27,214 ग्रामीण परिवार थे। इनमें से केवल 3,45,165 परिवारों (7 प्रतिशत) को नल के पानी का कनेक्शन मिला था।
मार्च 2025 तक ग्रामीण परिवारों की संख्या बढ़कर 62,53,471 हो गई। इनमें से 34,31,115 परिवारों यानी 55 प्रतिशत को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) दिया जा चुका था। हालांकि, राज्य में FHTC कवरेज राष्ट्रीय औसत 80 प्रतिशत से काफी कम पाया गया।

जल गुणवत्ता जांच और निगरानी में भी कमी
लेखापरीक्षा के मुताबिक विभाग ने सभी जल स्रोतों की प्रारंभिक जांच के लिए पर्याप्त फील्ड टेस्ट किट (FTK) नहीं खरीदी। 2021-23 के दौरान नमूना-जांच वाले जिलों में केवल 15 से 45 प्रतिशत गांवों को ही FTK उपलब्ध कराई गई।
झार जल पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और जिलों की प्रगति रिपोर्ट में भी अंतर पाया गया। छह नमूना-जांच वाले जिलों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट में 6.27 लाख FHTC कनेक्शन की जानकारी दी, जबकि झार जल पोर्टल पर 8.31 लाख FHTC दर्ज थे।

CAG ने क्या कहा
जलापूर्ति योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता, गुणवत्तापूर्ण जल की आपूर्ति, प्रभावी निगरानी और सभी परियोजनाओं का अनिवार्य तृतीय-पक्ष निरीक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।




















