धनबाद भगतडीह में अचानक भू-धंसान से मचा हड़कंप, कई मकानों में दरारें; हैवी ब्लास्टिंग पर मेयर ने BCCL को दी चेतावनी
धनबाद/झरिया। झरिया के बस्ताकोला एरिया-9 के भगतडीह इलाके में शनिवार को अचानक जमीन धंसने और खिसकने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। पुराने आरएसपी कॉलेज के पीछे कामिनी कल्याण क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद आसपास के कई मकानों में बड़ी दरारें दिखाई दीं। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। सुरक्षा को देखते हुए कुछ परिवार अपने जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके के आसपास हो रही हैवी ब्लास्टिंग के बाद तेज आवाज और जमीन में कंपन महसूस हुआ। इसके बाद जमीन के एक हिस्से में अचानक हलचल और धंसान शुरू हो गया। घटना में करीब सात घर प्रभावित होने की बात सामने आई है।

सड़क जाम कर लोगों ने जताया विरोध
घटना की सूचना मिलते ही बस्ताकोला एरिया के महाप्रबंधक एसके गायकवाड़ और धनबाद के मेयर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे। प्रभावित रैयतों ने सड़क जाम कर विरोध जताया और सुरक्षित पुनर्वास तथा मकानों को हुए नुकसान का उचित आकलन कराने की मांग की।
मेयर ने मौके पर कहा कि किसी भी परिवार को खतरे वाले मकान में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मकानों में रहने वाले परिवारों को BCCL के सुरक्षित क्वार्टरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने पाइपलाइनों को हुए नुकसान की तत्काल मरम्मत और पूरे प्रभावित क्षेत्र का सर्वे कराने की बात कही।

हैवी ब्लास्टिंग पर मेयर सख्त
हैवी ब्लास्टिंग को लेकर मेयर ने BCCL प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोगों की शिकायतों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बस्ताकोला एरिया के राजापुर प्रोजेक्ट को बंद कराने तक के कदम उठाए जा सकते हैं।
मेयर ने BCCL और संबंधित प्रोजेक्ट अधिकारी को स्थानीय लोगों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
BCCL ने बताया—राहत और पुनर्वास का काम जारी
बस्ताकोला एरिया के जीएम एसके गायकवाड़ ने कहा कि BCCL की ओर से पिछले कई तिमाहियों से राहत और पुनर्वास से संबंधित काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रभावित परिवारों से जरूरी दस्तावेज तैयार रखने को कहा, ताकि जेएमपी-2 सहित नियमानुसार मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने बताया कि जिन मकानों को गंभीर नुकसान हुआ है, वहां रहने वाले लोगों को आसपास उपलब्ध खाली क्वार्टरों में शिफ्ट किया जा रहा है।

2017 की घटना के बाद फिर ताजा हुई चिंता
स्थानीय लोगों के मुताबिक वर्ष 2017 में ट्रेंच कटिंग के कारण तत्कालीन उपायुक्त के आदेश पर पुराने आरएसपी कॉलेज परिसर को खाली कराया गया था। अब एक बार फिर भू-धंसान की घटना सामने आने के बाद इलाके में पुरानी चिंताएं बढ़ गई हैं।
फिलहाल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन और BCCL की टीमें इलाके की निगरानी कर रही हैं। विस्तृत सर्वे के बाद जमीन, मकानों में आई दरारों, पाइपलाइन और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर राहत और पुनर्वास की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

















