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SIR सूची विवाद: मांडर में 35 ग्रामीणों का नाम हटाने की साज़िश बेनकाब,

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डेस्क: झारखंड में मतदाता सूची (SIR) के पुनरीक्षण के दौरान दो अलग-अलग जिलों से धांधली और बड़ी गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। एक तरफ जहां रांची के मांडर में राजनीतिक साजिश के तहत ग्रामीणों के नाम वोटर लिस्ट से काटने का प्रयास विफल कर दिया गया, वहीं जमशेदपुर में पिछले 26 वर्षों से रह रहे तीन अफगानी नागरिकों का नाम मतदाता सूची में मिलने से हड़कंप मच गया है।

1. मांडर: 35 ग्रामीणों का नाम फर्जी तरीके से हटाने की साजिश नाकाम

रांची (मांडर): मांडर प्रखंड अंतर्गत सुरसा गांव (बूथ संख्या 191) में मतदाता सूची से 35 स्थानीय निवासियों के नाम काटने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजनीतिक दलों से जुड़े दो बूथ लेवल एजेंटों (BLA) ने साज़िश के तहत ‘फॉर्म-7’ भरकर इन सभी मतदाताओं को अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित (Shifted) दर्शा दिया था।

BLO की सतर्कता से पर्दाफाश

मामले का खुलासा तब हुआ जब 6 सितंबर को BLA ने फॉर्म बीएलओ (BLO) के पास जमा कराए। बीएलओ को संदेह होने पर उन्होंने तुरंत ग्रामीणों और सीओ (सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी) को सूचित किया। इसके बाद किए गए भौतिक सत्यापन में पाया गया कि सभी 35 ग्रामीण गांव में ही सुरक्षित रूप से निवास कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि BLA द्वारा BLO पर फॉर्म स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया गया था, जिसे BLO ने ठुकरा दिया।
ग्रामीणों में रोष, जांच की मांग

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फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बुधवार को अंजुमन

इस्लामिया कमेटी, सुरसा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मांडर की सीओ चंचला कुमारी और स्थानीय थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सीओ ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

2. जमशेदपुर: वोटर लिस्ट में मिले 35 वर्षों से रह रहे 3 अफगानी नागरिक

जमशेदपुर: दूसरा गंभीर मामला जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 286 से सामने आया है। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भौतिक सत्यापन और कागजातों की कड़ाई से जांच के दौरान तीन अफगानी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज पाए गए। पहचान में आए अफगानी नागरिकों के नाम आसिल खान, मोहम्मद असलम और मोहम्मद इब्राहिम हैं।

कांग्रेस नेता के मकान में किराएदार

जांच में यह बात सामने आई कि ये तीनों अफगानी नागरिक पिछले 26 वर्षों से गोलमुरी थाना क्षेत्र के टुइलाडुंगरी में कांग्रेस के जिला महामंत्री वसीम खान के मकान में किराए पर रह रहे थे। जब इनसे नागरिकता और निवास प्रमाण पत्र मांगे गए, तो कागजात पूरी तरह अमान्य (मिसमैच) निकले। इसके बाद पासपोर्ट खंगालने पर उनके विदेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई।

चुनाव आयोग का कड़ा रुख, DC और SSP को जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर तीनों के नाम तत्काल प्रभाव से वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। साथ ही चुनाव आयोग ने जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र जारी कर उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित विदेशी घुसपैठ या चुनावी साज़िश शामिल है।

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