22 साल बाद वासेपुर गोलीकांड में आया फैसला, फहीम खान के घर AK-47 से हुई थी फायरिंग; तीन दोषियों को उम्रकैद
धनबाद। झारखंड के धनबाद में चर्चित वासेपुर गोलीकांड मामले में करीब 22 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। फहीम खान के घर पर AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग करने के मामले में अदालत ने तीन दोषियों मो. शाहीद, मो. शहादत हुसैन और तनवीर आलम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामला 29 जनवरी 2004 का है, जब धनबाद के वासेपुर स्थित कमर मखदुमी रोड पर फहीम खान के घर को अपराधियों ने निशाना बनाया था। इस गोलीकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।

AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग, जान बचाने के लिए छत से कूदे थे फहीम खान
29 जनवरी 2004 को हमलावरों ने फहीम खान के घर पर अचानक AK-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरातफरी मच गई थी। हमले के दौरान अपनी जान बचाने के लिए फहीम खान ने पड़ोसी के घर की छत पर छलांग लगा दी थी। इस दौरान उनका पैर टूट गया था।


गोलीकांड में बॉडीगार्ड की हुई थी मौत
इस हमले में फहीम खान के बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। वह बिहार के अरवल के निवासी थे। गोलीबारी की इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। करीब 22 साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब इस मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में अदालत के फैसले को वासेपुर गोलीकांड की सुनवाई में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।


















