बाबुलाल मरांडी ने x पर जारी किया ऑडियो क्लिप ,खनन विभाग कागज़ पर, वसूली विभाग थाने पर’

रांची: झारखंड में वायरल एक कथित ऑडियो क्लिप को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि झारखंड में अवैध खनन और वसूली का एक समानांतर तंत्र चल रहा है।
वायरल ऑडियो केवल हिमशैल का ऊपरी हिस्सा सुने ऑडियो
बाबुलाल मरांडी ने मनिका थाना प्रभारी और एक कथित बालू तस्कर के बीच बातचीत के वायरल ऑडियो का हवाला देते हुए लिखा कि यह तो केवल एक बानगी (हिमशैल का ऊपरी हिस्सा) है। असली कहानी उस समानांतर व्यवस्था की है, जहां बालू, पत्थर, कोयला और अवैध कारोबार से होने वाली वसूली का तंत्र वर्षों से फल-फूल रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य चिंता 40,000 रुपये की मांग नहीं, बल्कि वह व्यवस्था है जिसके तहत रोजाना करोड़ों रुपये की अवैध वसूली चल रही है।
NGT के प्रतिबंधों पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने एनजीटी (NGT) के स्पष्ट प्रतिबंधों के बावजूद धड़ल्ले से हो रहे बालू के उठाव और ट्रकों के संचालन पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा:
यदि प्रतिबंध के बाद भी घाटों पर गतिविधियां जारी हैं और थानों तक रकम पहुंच रही है, तो सरकार के आदेश और दावे किस फाइल में बंद हैं?
झारखंड में खनन विभाग केवल नाम का रह गया है और थाना प्रभारी ही खनिज संपदा के वास्तविक प्रबंधक बन बैठे हैं।
सरकार ने खदानों का ठेका नहीं, बल्कि सीधे तौर पर वसूली का लाइसेंस बांट रखा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उच्चस्तरीय जांच की मांग
बाबुलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि वे इस पूरे मामले का संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि जनता की जेब, राज्य के राजस्व और कानून—तीनों को एक साथ लूटा जा रहा है।
उन्होंने सरकार से यह भी अपील की कि वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित दारोगा को तुरंत जेल भेजा जाए और उसकी संपत्ति की जाँच कराकर एक ऐसा नज़ीर पेश किया जाए जो भ्रष्टाचार करने वालों के लिए सबक बने।
















