प्रसूता की मौत पर न्याय मांगने वाले BJP नेताओं को डराने का आरोप, प्रतुल शाहदेव बोले- झारखंड में लोकतंत्र नहीं, तानाशाही चल रही

रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड सरकार पर पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि जामताड़ा में प्रसूता रीना देवी की कथित लापरवाही से हुई मौत के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।

प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि जामताड़ा भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण समेत अन्य नेताओं के घर पुलिस भेजकर उनके परिजनों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रसूता की मौत के मामले में दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय न्याय की मांग करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जामताड़ा पुलिस मंत्री इरफान अंसारी के इशारों पर काम कर रही है। उनका कहना था कि पुलिस को कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए, किसी राजनीतिक दबाव में नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर बुलाया जा सकता था, लेकिन पुलिस ने छापेमारी का रास्ता अपनाया।

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प्रतुल शाह देव ने इसे भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने इस मामले में राज्य के डीजीपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उनका फोन नहीं उठाया गया और संदेश का भी जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए और अधिकारियों को सरकार का “टूलकिट” बनकर नहीं, बल्कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा नेताओं पर अस्पताल में तोड़फोड़ का आरोप लगाया गया है तो सरकार संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में पीछे हटने वाली नहीं है और प्रसूता की मौत की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई तथा भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बंद करने की मांग करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

















