JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में CID की कार्रवाई तेज, रांची और हजारीबाग में अभिलेखों की जांच
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। CID ने रांची और हजारीबाग में कई स्थानों पर अभिलेखों की जांच-पड़ताल कर साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!CID की ओर से 23 अगस्त को जारी जानकारी के अनुसार, CID कांड संख्या-16/2026 की जांच के क्रम में रांची के लालपुर स्थित शिवांगन की पाठशाला में जांच की गई। इसके अलावा संस्थान के निदेशक/संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास पर भी अभिलेखों की पड़ताल की गई। हजारीबाग जिले के मेघा कोचिंग सेंटर में भी जांच कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं।

यह मामला JPSC की ओर से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। CID की जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
JSSC स्नातक परीक्षा-2023 मामले में तीन आरोपी रिमांड पर
वहीं, झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में कथित अनियमितता को लेकर दर्ज CID कांड संख्या-01/2025 में भी जांच जारी है। CID के अनुसार, मामले की जांच के लिए गठित SIT ने अभय कुमार तिवारी, अक्षय कुमार तिवारी और सुषमा कुमारी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की है।

इसके अलावा मामले से जुड़े 18 संदिग्ध/संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
CID ने बताया कि दोनों प्रकरणों में आगे की जांच लगातार जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


















