रामनवमी पहाड़ की चट्टानों में छिपा अनोखा आकर्षण, प्रशासन की पहल से बदल सकती है कोलेबिरा की तस्वीर

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड स्थित रामनवमी पहाड़ प्राकृतिक सौंदर्य और विशाल चट्टानी संरचनाओं के कारण पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे हुए है। पहाड़ पर मौजूद चट्टानों की अनोखी प्राकृतिक बनावट कई स्थानों पर अलग-अलग आकृतियों का एहसास कराती है। इनमें एक चट्टानी संरचना ऐसी भी है, जो देखने में मगरमच्छ जैसी आकृति नजर आती है। प्राकृतिक रूप से बनी यह संरचना पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

रामनवमी पहाड़ पहुंचने वाले स्थानीय लोग और आसपास के युवा प्राकृतिक नजारों के बीच तस्वीरें लेना पसंद करते हैं। इससे यह स्थान धीरे-धीरे स्थानीय स्तर पर नेचर सेल्फी प्वाइंट के रूप में पहचान बना रहा है। यदि इसे बुनियादी सुविधाओं और बेहतर प्रचार-प्रसार से जोड़ा जाए, तो रामनवमी पहाड़ कोलेबिरा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।
सुविधाएं विकसित होने से बढ़ेगा आकर्षण
स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन और पर्यटन विभाग की सकारात्मक पहल से रामनवमी पहाड़ को बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां सुरक्षित सेल्फी प्वाइंट, बैठने की व्यवस्था, रेलिंग, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, सूचना बोर्ड और बेहतर पहुंच मार्ग जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

विशेष रूप से मगरमच्छ जैसी दिखाई देने वाली प्राकृतिक चट्टान को पर्यटन की दृष्टि से चिन्हित कर उसके आसपास पर्यावरण-अनुकूल नेचर सेल्फी प्वाइंट विकसित किया जा सकता है। सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी तस्वीरों और वीडियो का व्यापक प्रचार किया जाए तो सिमडेगा के अलावा आसपास के जिलों से भी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।
प्राकृतिक स्वरूप का संरक्षण जरूरी
रामनवमी पहाड़ की असली खूबसूरती उसकी प्राकृतिक चट्टानों, हरियाली और आसपास के मनोरम वातावरण में है। इसलिए पर्यटन विकास के साथ-साथ इन प्राकृतिक संरचनाओं का संरक्षण भी प्राथमिकता होनी चाहिए। विकास के नाम पर चट्टानों को नुकसान पहुंचाने या उनके प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ करने के बजाय प्रकृति को सुरक्षित रखते हुए सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए।

कोलेबिरा की नई पर्यटन पहचान बन सकता है रामनवमी पहाड़
रामनवमी पहाड़ में पर्यटन की संभावनाओं की कमी नहीं है। जरूरत है इसे सही पहचान, आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थित प्रचार-प्रसार से जोड़ने की। यदि प्रशासन, पर्यटन विभाग और स्थानीय लोग मिलकर पहल करें, तो आने वाले समय में रामनवमी पहाड़ कोलेबिरा ही नहीं, बल्कि पूरे सिमडेगा जिले की नई पर्यटन पहचान बन सकता है। प्रकृति ने यहां खूबसूरती पहले ही दे रखी है। अब जरूरत है उस खूबसूरती को सुरक्षित रखते हुए दुनिया के सामने इसकी पहचान बनाने की।
















