अबुआ आवास से पक्के घर तक, सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ रही सिमडेगा की ग्रामीण आबादी

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: अबुआ आवास योजना के माध्यम से सिमडेगा जिले के जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों की आवास संबंधी समस्या का समाधान हो रहा है। पक्के मकान मिलने से न केवल लोगों को सुरक्षित आशियाना मिल रहा है, बल्कि उनके रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारते हुए जिला प्रशासन, सिमडेगा द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
अबुआ आवास योजना के तहत पात्र लाभुकों को तीन कमरों का पक्का मकान बनाने के लिए दो लाख रुपये की सहायता चार किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के दौरान मनरेगा के माध्यम से करीब 95 दिनों के अकुशल श्रम का भी प्रावधान है।

बिरता देवी के जीवन में आया बदलाव
सिमडेगा के कुरडेग प्रखंड की बिरता देवी अबुआ आवास योजना से आए बदलाव की प्रेरक मिसाल हैं। पहले वे मिट्टी के कच्चे मकान में रहती थीं। बरसात के दिनों में छत टपकने और दीवारों के ढहने का खतरा बना रहता था। ‘आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार’ अभियान के माध्यम से उनका नाम योजना से जुड़ा और सरकारी सहायता मिलने के बाद आज उनका अपना पक्का मकान बनकर तैयार हो चुका है। पक्के मकान ने बिरता देवी और उनके परिवार को मौसम की मार से सुरक्षा देने के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन का आधार भी दिया है।

1,627 आवास स्वीकृत, 658 पूर्ण
जिला प्रशासन के अनुसार 11 अगस्त 2026 तक सिमडेगा जिले में 1,627 अबुआ आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 658 आवास पूर्ण हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक लगभग 19.25 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

अबुआ आवास योजना की यह प्रगति सुशासन, प्रशासनिक निगरानी और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पक्के मकानों के निर्माण से ग्रामीण परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद मजबूत हो रही है।
















