मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना की राशि से सिलाई मशीन खरीदकर स्वरोजगार की राह पर मिली सोरेंग

मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना की राशि से सिलाई मशीन खरीदकर स्वरोजगार की राह पर मिली सोरेंग

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शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा जिले में मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।

जलडेगा प्रखंड के टाटी फिरका के गंझू टोली की रहने वाली मिली सोरेंग (पति: छूनू सोरेंग) ने इस योजना की राशि का सही और उद्देश्यपूर्ण उपयोग करके एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। उन्होंने प्राप्त सहायता राशि का उपयोग करके ऊषा कंपनी की दो सिलाई मशीनें खरीदीं, जिनकी कुल कीमत लगभग 19,000 रुपये थी। इस कदम से मिली सोरेंग ने न केवल अपने परिवार की आजीविका बढ़ाई है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं।

सिलाई कार्य से आत्मनिर्भरता की शुरुआत

सिलाई मशीनों के माध्यम से मिली सोरेंग अब नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इससे घरेलू जरूरतें पूरी होने के साथ-साथ भविष्य में और अधिक स्वरोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं की राशि का रचनात्मक उपयोग कैसे परिवार को आर्थिक मजबूती दे सकता है और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रख सकता है।

उपायुक्त और बीडीओ की सराहना

सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह ने मिली सोरेंग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिले की सभी लाभार्थी महिलाओं को ऐसी ही राशि का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि योजना की राशि का सही उपयोग ही महिलाओं को वास्तविक आत्मनिर्भर बना सकता है।

इसी तरह, जलडेगा प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मिली सोरेंग की यह पहल पूरे प्रखंड के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से अपील की कि वे राशि को आयवर्धक और रचनात्मक कार्यों में लगाएं, ताकि परिवार के साथ समाज भी मजबूत हो सके।

मिली सोरेंग की सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाता है, बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा बन सकता है। अन्य महिलाएं भी इस योजना की राशि से सिलाई, छोटे व्यवसाय या अन्य उत्पादक कार्य शुरू करके आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

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