जंतर-मंतर घटना पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, घायल छात्रा नूतन टोप्पो बोलीं– “पुलिस कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुआ कान”

रांची : दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान घायल हुई झारखंड की छात्रा नूतन टोप्पो ने अपनी आपबीती साझा करते हुए पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की आलोचना करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नूतन टोप्पो ने दावा किया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में उनका दाहिना कान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि वह गुरुग्राम से अकेले आंदोलन में शामिल होने पहुंची थीं। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद अफरा-तफरी मच गई।
नूतन ने बताया कि वह जान बचाने के लिए राजीव चौक की ओर चली गईं और एक पार्क में अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी थीं। इसी दौरान उनके दाहिने कान पर किसी तेज वस्तु के लगने का एहसास हुआ। उनका कहना है कि कान का बाहरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और वर्तमान में उनका इलाज रांची के एक अस्पताल में चल रहा है। नूतन मूल रूप से गुमला जिले की रहने वाली हैं।
प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद अब तक किसी भी सरकारी प्रतिनिधि ने उनकी स्थिति की जानकारी नहीं ली। उन्होंने जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान ‘छात्रों की गूंज’ के संयोजक एवं कांग्रेस नेता कुमार राजा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने गृह मंत्री से यह स्पष्ट करने की मांग की कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया।

कुमार राजा ने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को दमन के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा घायल छात्रों को समुचित उपचार और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
नूतन टोप्पो ने यह भी दावा किया कि आंदोलन से जुड़ी कुछ मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन स्थगित किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन होता है, तो वह उसमें भाग लेने के लिए तैयार रहेंगी।
कांग्रेस ने कहा कि छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं दबाया जा सकता और पार्टी छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।
















