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भाकपा माओवादियों ने पुलिस पर उठाया सवाल, गिरफ्तार नक्सलियों को कोर्ट में पेशी करने में क्यों कर रही है देरी.

गिरिडीह, दिनेश.

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गिरीडीह : प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के प्रवक्ता आंनद ने गुरुवार को एक प्रेस बयान जारी कर पुलिस पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दिया है।

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प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से माओवादी उत्तरी छोटानागपुर रीजनल के भाकपा माओवादी प्रवक्ता आनंद ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि 24 दिसंबर को पुलिस ने गोला डाबर गांव से संगठन के रीजनल कमेटी के 2 सदस्य प्रशांत मांझी और सुधीर समेत कई ग्रामीणों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है लेकिन 5 दिन बीत जाने के बाद दोनों रीजनल कमेटी के सदस्यों को कोर्ट पर हाजिर नहीं किया गया जबकि जिले के सभी समाचार पत्रों में 25 तारीख को है गिरफ्तारी का जिक्र प्रकाशित हुआ था प्रेस बयान के माध्यम से पुलिस के ऊपर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के 24 घंटे के अंदर कोर्ट पर हाजिर करना पड़ता है परंतु पुलिस ने ऐसा नहीं किया।

प्रवक्ता ने लिखा है कि कहीं दोनों को फर्जी मुठभेड़ दिखा कर हत्या ना कर दी हो। प्रवक्ता द्वारा बताया गया है कि  पूर्व की घटना से यह साफ होता है कि पुलिस और अर्धसैनिक बल द्वारा सेक सदस्य चिराग व जोनल कमेटी सदस्य सिद्धू कोड़ा को गिरफ्तार कर कुछ दिनों तक टॉर्चर करने के पश्चात साजिश के तहत दोनों की हत्या कर दी गई थी फिर मुठभेड़ में मार गिराने का दिखावा किया गया था।

वहीं पुलिस की इन करतूतों का तीव्र निंदा करते हुए उत्तरी छोटानागपुर जोनल कमेटी आम जनता व प्रगतिशील बुद्धिजीवियों जनवादी तागतो एवम आम लोगों से आह्वान करती है कि ऐसी घटनाओं की निंदा करते हुए पुलिस के जुल्म अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद करें। अंत में लिखे बयान में क्रांतिकारी अभिवादन के साथ प्रवक्ता आनंद अंकित है।

बताते चलें कि 29 दिसंबर को जारी बयान में पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं करने की बात नक्सली संगठन की जिला प्रशासन की ओर से गिरफ्तार प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रस्तुत कर दिया गया था। माओवादियों द्वारा जारी प्रेस बयान जिसका पत्रांक संख्या 56 / 20 है जिसकी जारी तिथि 28 दिसंबर अंकित है, प्रेस के सामने माओवादियों का यह प्रेस बयान गुरुवार देर शाम तक पहुंचा है।

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