if-family-does-not-reach-social

परिजन नहीं पहुंचे तो सामाजिक संस्थाओं ने उठाई अस्थि विसर्जन की जिम्मेदारी, 19 साल से निभा रहीं सेवा का संकल्प

Share
Link copied

जमशेदपुर। अपनों के बिछड़ने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में अस्थि विसर्जन भी एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है। लेकिन कई बार ऐसे दिवंगत भी होते हैं, जिनके परिजन किसी कारणवश अस्थि विसर्जन के लिए नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों के लिए जमशेदपुर की सामाजिक संस्थाएं पिछले 19 वर्षों से मानवीय पहल कर रही हैं।

RKDF
advertisement

इसी कड़ी में 3 अक्टूबर को साकची स्थित गांधी घाट पर धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ की ओर से सामूहिक अस्थि विसर्जन एवं तर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उन दिवंगतों की अस्थियों का विधि-विधान से विसर्जन किया गया, जिनके परिजन किसी कारण से यह धार्मिक संस्कार पूरा करने नहीं पहुंच सके।
धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ के अध्यक्ष पंडित विपिन झा ने बताया कि मोक्ष धाम में ऐसे दिवंगतों की अस्थियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाती है। जब उनके परिजन अस्थि विसर्जन के लिए नहीं पहुंच पाते, तो संस्था की ओर से सामूहिक रूप से अस्थि विसर्जन और तर्पण कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि जिन दिवंगतों के अपने लोग पीछे छूट गए हैं या जो किसी कारणवश अपने परिजनों की मौजूदगी में अंतिम धार्मिक संस्कार नहीं पा सके, उनका विधि-विधान से संस्कार कराना समाज की जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ संस्था लगातार यह सेवा कार्य कर रही है।

Advertisment
Advertisment

19 साल से निभा रहे सामाजिक जिम्मेदारी

धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ की यह पहल केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उन दिवंगतों के प्रति सम्मान और संवेदना का प्रतीक है, जिनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाने के लिए कोई परिजन मौजूद नहीं होता। संस्था पिछले 19 वर्षों से इस कार्य को निरंतर करती आ रही है।
इस पहल के जरिए सामाजिक संस्थाएं यह संदेश दे रही हैं कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके अंतिम धार्मिक संस्कार की जिम्मेदारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर पूरा समाज भी आगे आ सकता है।

ABOUT THE AUTHOR
अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।