MGNREGA SCAM

मनरेगा घोटाला (MGNREGA SCAM) : 200 पन्नो का चार्जशीट ! 5000 पन्नो का शाक्ष्य ! खोलेगा राज

मनरेगा घोटाले ( MGNREGA SCAM)में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी की मुशिकलें गयी है। इस कथित घोटाले में ED ने  पूजा सिंघल समेत सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर दिया गया है। ED ने पूजा सिंघल के साथ साथ उनके पति अभिषेक झा, CA सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालीन जूनियर इंजिनियर रामविनोद सिन्हा, तत्कालीन असिस्टेंट इंजिनियर राजेंद्र जैन, तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजिनियर जयकिशोर चौधरी, खूंटी स्पेशल डिवीज़न के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजिनियर शशि प्रकाश के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग की धारा 3, 4 व पीसी एक्ट की धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

 200 पेज की चार्जशीट, 500 पन्नों का साक्ष्य !

जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम ने तकरीबन 200 पन्नों की चार्जशीट ईडी के विशेष न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा के कोर्ट में पेश की है । जानकरी यह भी है की वहीं ईडी ने तकरीबन 5000 पन्नों से अधिक का साक्ष्य भी कोर्ट में जमा कराया है। इस आरोप पत्र में छह मई से लेकर 25 मई तक ईडी की ओर से की गयी कार्रवाई को भी दर्ज किया गया है। जानकरी के मुताबिक आरोप पत्र में ईडी की ओर से कहा गया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और इसमें पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया जाएगा। आरोप पत्र के साथ ईडी ने जो दस्तावेज दिए हैं, वह पूजा सिंघल, सीए सुमन सिंह, अभिषेक झा और कुछ जिलों के खनन पदाधिकारियों से पूछताछ को बाद ईडी को हाथ लगे थे। इन दस्तावेजों से मनी लाउड्रिंग का दावा ईडी ने किया है।

  2008 से 2013 तक पूजा सिंघल के खाते में आय से 1.43 करोड़ अधिक होने का जिक्र

जानकरी के मुताबिक ईडी के आरोप पत्र में जिक्र है कि चतरा, खूंटी और पलामू में डीसी रहते हुए उनके खातों में उनकी सैलरी से 1.43 करोड़ रूपये अधिक थे। सिंघल 16 अगस्त 2007 से 16 सितंबर 2008 तक चतरा, 16 फरवरी 2009 से 19 जुलाई 2010 तक खूंटी और 19 जुलाई 2010 से 8 जून 2013 के बीच पलामू की डीसी थीं। ईडी ने इन तीनों कार्यकाल के दौरान पूजा सिंघल के अलग अलग बैंक खातों व दूसरे निवेश की जानकारी जुटायी। जांच में यह बात सामने आयी थी कि पूजा सिंघल व उनके पति अभिषेक झा के खाते में मनरेगा घोटाले के दौरान सैलरी से 1.43 करोड़ रुपये अधिक आए थे। खूंटी में मनरेगा का घोटाला फरवरी 2009 से जुलाई 2010 के बीच का है, जब पूजा सिंघल वहां की डीसी थी।जेई रामविनोद ने कहा था 5% कट डीसी ऑफिस पहुँचता थामनरेगा के 18.06 करोड़ के घोटाले को लेकर ईडी ने पूर्व में जेई रामविनोद सिन्हा पर चार्जशीट किया था। रामविनोद सिन्हा ने इस मामले में बताया था कि वह डीसी कार्यायल में पांच प्रतिशत कट मनी पहुंचाते थे।

सीए सुमन के साथ व्यपारिक सम्बन्ध का शक !

पूजा सिंघल ने सीए सुमन के खाते में कई बार लाखों रुपये क्यों डाले थे। ईडी ने इससे जुड़ा साक्ष्य भी जुटाया है कि सुमन कुमार व उससे जुड़ी कंपनियों में पूजा सिंघल ने पैसे ट्रांसफर किए थे। पूजा सिंघल ने 2005 से 2013 तक लाइफ इंश्योरेंस की 13 पॉलिसी में 80.81 लाख निवेश किया था। प्रिमैच्योर तरीके से इंश्योरेंस क्लोज कर कुल 84.64 लाख की आमद खाते में हुई थी। क्लोजर एमाउंट में से पूजा सिंघल ने 3.96 लाख रुपये 26 मई 2015 को सीए सुमन कुमार को भेजे गए थे। दुबारा 28 मार्च 2016 को 6.39 लाख सुमन के खाते में भेजे गए। सुमन कुमार के पिता घनश्याम सिंह की पार्टनरशिप फर्म मेसर्स संतोष क्रुशेरर मेटल वर्क्स के खाते में 21 सितंबर 2017 को 6.22 लाख व मेसर्स राधेश्याम एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड में भी पैसे डाले थे। ईडी से पूछताछ के दौरान पूजा सिंघल यह नहीं बता पायीं कि उन्होंने ये पैसे क्यों सुमन कुमार को भेजे थे।

 

गौरतलब है कि ईडी ने छह मई को आइएएस पूजा सिंघल के सरकारी और निजी आवास, पति अभिषेक झा और उनके सीए सुमन सिंह समेत 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीए सुमन सिंह के आवास से 19.31 करोड़ रुपये बरामद किए थे। बता दें कि 11 मई को ईडी ने पूजा सिंघल को रिमांड पर लिया था और 25 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

Share via
Share via