अमित शाह से मिले सांसद मनीष जायसवाल, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद से लेकर कानून-व्यवस्था तक की दी जानकारी
आकाश शर्मा
नई दिल्ली: हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने झारखंड से जुड़े कई अहम विषयों पर केंद्रीय गृह मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चल रहा विवाद रहा।
सांसद ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और सीटों की खरीद-फरोख्त के आरोपों का मुद्दा उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग रखी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मामले की CID जांच कराई जा रही है, लेकिन अभ्यर्थियों के बीच इसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल हैं। ऐसे में मामले की CBI जांच कराए जाने की जरूरत है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो।

लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल
मनीष जायसवाल ने कहा कि JPSC और JSSC-CGL का विवाद महज एक भर्ती परीक्षा का विषय नहीं है। इसका सीधा असर झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों और उनकी चिंताओं से भी अमित शाह को अवगत कराया।
सांसद के मुताबिक, युवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर विश्वास कायम करना जरूरी है। इसके लिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है।

कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध पर भी चर्चा
बैठक में झारखंड की कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सांसद ने राज्य में संगठित अपराध और विभिन्न अवैध गतिविधियों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने हजारीबाग और रामगढ़ समेत अन्य इलाकों में कथित तौर पर बढ़ रहे अवैध नशे के कारोबार का भी जिक्र किया।
इसके अलावा झारखंड की खनिज संपदा से जुड़े मामलों को भी केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा गया। सांसद ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और खनिज संपदा के कथित अवैध दोहन पर चिंता जताते हुए इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

युवाओं और संसाधनों की सुरक्षा पर जोर
मुलाकात के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य, राज्य की कानून-व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और झारखंड से जुड़े मामलों को गंभीरता से उनके समक्ष रखा गया।


















