धनबाद: मुनीडीह कोल वाशरी में बड़ा हादसा, भारी बारिश के बीच स्लरी ढहने से 4 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू जारी
धनबाद के मुनीडीह कोल वाशरी में स्लरी ढहने से 4 मजदूरों की मौत। भारी बारिश के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। पढ़ें पूरी खबर।
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धनबाद (Dhanbad): झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। बीसीसीएल (BCCL) के मुनीडीह स्थित कोल वाशरी प्रोजेक्ट में कोयला स्लरी (गाद) का ढेर ढहने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 5 बजे मुनीडीह ओपी क्षेत्र के तहत संचालित कोल वाशरी में ट्रक लोडिंग का काम चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोयला पाउडर और पानी से बनी स्लरी का विशाल ढेर बेहद अस्थिर हो गया था। लोडिंग के दौरान ही अचानक स्लरी का ऊपरी हिस्सा भरभरा कर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, मलबा इतनी तेजी से गिरा कि मजदूरों को भागने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल स्थानीय पुलिस व प्रबंधन को सूचना दी गई।
राहत और बचाव कार्य में बारिश बनी बाधा
हादसे की खबर मिलते ही बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों (JCB और पोकलेन) की मदद से मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। अब तक तीन मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, वहीं एक अन्य की मौत की पुष्टि की गई है। दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रात होने और लगातार बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिसे देखते हुए एनडीआरएफ (NDRF) को भी अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जांच के आदेश
धनबाद के जिलाधिकारी और एसएसपी ने देर रात घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, बीसीसीएल अधिकारियों ने इस चूक की जांच के लिए कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल
मजदूर संगठनों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि बारिश के मौसम में जब ढलान वाले ढेरों से खतरा बढ़ जाता है, तब वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम क्यों नहीं थे? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो इस बड़ी अनहोनी को टाला जा सकता था।
फिलहाल, मुनीडीह इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य मलबे में फंसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है।
















