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ठेकेदार संजय सिंह की (NIA) ने बढ़ायी रिमांड

झारखंड में भाकपा माओवादियों व अमन साहू गैंग को हथियार की सप्लाई करने के मामले की जांच(NIA) एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) कर रही है. इस मामले में एनआईए ने माओवादियों को हथियार के लिए फंडिंग करने वाला ठेकेदार संजय सिंह की रिमांड अवधि बढ़ा दी है. संजय सिंह से एनआईए 15 फरवरी तक पूछताछ करेगी.  संजय सिंह रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र के हिनू का रहने है. इस मामले में एनआईए ने सीआरपीएफ के जवान अविनाश कुमार, ऋषि कुमार, पंकज सिंह, संजय सिंह, मुहाजिद खान, अमन साहू और अरुण कुमार सिंह को आरोपी बनाया है.

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ठेकेदार मुजाहिद खान और संजय सिंह माओवादियों को करता था फंडिंग

एनआईए जांच में खुलासा हुआ है कि सिविल ठेकेदार मुजाहिद खान और संजय सिंह भाकपा माओवादी के सदस्यों को उनकी आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए धन और अन्य आवश्यक आपूर्ति प्रदान करता था. साथ ही उनके साथ मिलकर काम भी करता था. मुजाहिद खान ने माओवादियों को इंसास की 250 राउंड गोलियां की आपूर्ति की थी. इन गोलियां की खरीद के लिए मुजाहिद खान ने आरोपी ऋषि कुमार को 1.75 लाख रूपया दिया था. पुलिस ने आरोपित ऋषि कुमार व अविनाश कुमार की निशानदेही पर रांची जिला के ओरमांझी थाना क्षेत्र के छुटूपालु घाटी के शेख भीखन स्मारक के पास से 5.56 एमएम के 450 राउंड गोली बरामद किए थे. ये गोली अमन साहू के गिरोह को सप्लाई किए जाने थे. गोला-बारूद के अलावा इन आरोपियों के द्वारा देशी पिस्तौल भी खरीदकर माओवादी और आपराधिक गिरोहों के सदस्यों को इसकी आपूर्ति किया जा रहा था.

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झारखंड एटीएस ने गिरोह का किया था खुलासा

झारखंड में नक्सलियों व अपराधियों को हथियार और गोली की आपूर्ति करनेवाले सीआरपीएफ जवान सहित तीन लोगों को एटीएस बीते 16 नवंबर को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार लोगों में सीआरपीएफ जवान अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, ऋषि कुमार और पंकज कुमार सिंह  नाम शामिल थे. इनकी निशानदेही पर 5.56 एमएम की 450 राउंड गोली जब्त की गयी थी. जिसके बाद 18 नवंबर को इस गिरोह के कामेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार हुए इन लोगों के निशानदेही पर एटीएस की टीम ने बीते 25 नवंबर को बिहार झारखंड समेत कई राज्यों में छापेमारी करते हुए बीएसएफ के कांस्टेबल कार्तिक बेहरा, बीएसएफ के रिटायर हवलदार अरुण कुमार सिंह, कुमार गुरलाल, शिवलाल धवल और हिरला गुमान को गिरफ्तार किया था. इन अपराधियों के पास से पुलिस ने 14 पिस्टल 21 मैगजीन, 9,213 राउंड गोली, खाली खोखा, डेटोनेटर, बाइक और मोबाइल बरामद किया गया था.

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नक्सलियों को दिया एके-47 और इनसास राइफल

अविनाश उर्फ चुन्नू सीआरपीएफ 182 में आरक्षी के रूप में पुलवामा में पदस्थापित था. वह छुट्टी पर घर आने के बाद चार माह से कार्य से अनुपस्थित था. वह वर्ष 2011 में मोकामा ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ में बहाल हुआ था. पूर्व में वह 112 बटालियन सीआरपीएफ लातेहार और 204 बटालियन कोबरा जगदलपुर में पदस्थापित रहा था. पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि आरोपियों द्वारा नक्सलियों को भारी संख्या में एके-47 और इनसास राइफल उपलब्ध कराये गये हैं. इसके अलावा विभिन्न आपराधिक गिरोह, जिसमें अमन साहू गिरोह भी शामिल है, उसे भी हथियार और गोली उपलब्ध करायी गयी है. सीआरपीएफ जवान अविनाश अमन साहू के अलावा शेरघाटी जेल में बंद अपराधी हरेंद्र यादव और गया जेल में बंद लल्लू खान के संपर्क में था. उग्रवादियों और संगठित आपराधिक गिरोहों को अवैध हथियार मध्यप्रदेश के बुरहानपुर और महाराष्ट्र के बुलढाणा जिला के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय गिरोह के द्वारा किया जा रहा है

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