रांची: हुंडरू फॉल में डूबने से बचे से 4 छात्र; हुंडरू फॉल में सेल्फी के दौरान डूबे, पर्यटनकर्मियों ने बचाई जान
रांची: हुंडरू फॉल में डूबने से बचे से 4 छात्र; हुंडरू फॉल में सेल्फी के दौरान डूबे, पर्यटनकर्मियों ने बचाई जान

संतोष दीपक
रांची (अनगड़ा): राजधानी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हुंडरू फॉल में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ घूमने आए चार छात्र फॉल के खतरनाक हिस्से में डूबने लगे थे। गनीमत रही कि मौके पर तैनात ‘पर्यटक मित्रों’ ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए चारों की जान बचा ली।
सेल्फी का शौक पड़ा भारी
घटना रविवार दोपहर करीब एक बजे की है। जानकारी के अनुसार, रांची के चुटिया (पावर हाउस चौक) इलाके में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करने वाले चार दोस्त दो बाइकों पर सवार होकर हुंडरू फॉल घूमने पहुंचे थे। चारों युवक फॉल के सबसे खतरनाक माने जाने वाले ‘जोगिया दह’ क्षेत्र के पास जाकर सेल्फी लेने लगे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से प्रत्यूष राज का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा।
एक-दूसरे को बचाने में डूबे तीनों दोस्त
प्रत्यूष को डूबता देख उसे बचाने के लिए उसके साथी पीयूष राज और गुलशन कुमार ने भी पानी में छलांग लगा दी। चूंकि तीनों में से किसी को भी तैरना नहीं आता था, वे भी पानी के तेज बहाव और गहराई में फंसकर डूबने लगे। अपने दोस्तों को आंखों के सामने डूबता देख चौथा दोस्त सुमित कुमार मदद के लिए चिल्लाने लगा।
पर्यटक मित्रों की जांबाजी: 1 घंटे तक दिया CPR
चीख-पुकार सुनकर वहां तैनात पर्यटनकर्मी (पर्यटक मित्र) तत्काल सक्रिय हुए और अपनी जान की परवाह किए बिना गहरे पानी में कूद गए। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने एक-एक कर चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बताया जा रहा है कि इनमें से प्रत्यूष राज की हालत
बेहद नाजुक थी और उसकी सांसें लगभग बंद हो चुकी थीं। पर्यटनकर्मियों ने हार नहीं मानी और उसे जमीन पर लिटाकर लगातार एक घंटे तक सीपीआर (कृत्रिम सांस) दी। उनकी इस मेहनत से प्रत्यूष की सांसें वापस लौट आईं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रशासन की अपील: प्रतिबंधित क्षेत्र में न जाएं
इस घटना ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर किया है। हुंडरू फॉल समिति और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सेल्फी या मनोरंजन के लिए खतरनाक और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं।

















