झारखंड में लगातार बारिश से नदियां उफान पर, स्वर्णरेखा-खरकई खतरे के निशान के पार; निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
जमशेदपुर। झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खासकर कोल्हान क्षेत्र में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के उफान पर आने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जमशेदपुर में खरकई नदी शुक्रवार सुबह आदित्यपुर पुल के पास खतरे के निशान 129.00 मीटर को पार कर 129.12 मीटर तक पहुंच गई। वहीं मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 120.40 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 121.50 मीटर से महज 1.10 मीटर नीचे है।

लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक के कारण चांडिल डैम, गालूडीह बराज और गांजिया बराज में भी पानी का दबाव बढ़ा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जलाशयों और बराजों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। चांडिल डैम के कई गेट खोले गए हैं, जबकि गालूडीह बराज के सात और खरकई नदी पर बने गांजिया बराज के सभी पांच गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई है। डैम और बराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण आने वाले घंटों में नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए सुवर्णरेखा परियोजना के फ्लड कंट्रोल सेल की ओर से पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत पश्चिम बंगाल और ओडिशा के संबंधित आपदा प्रबंधन अधिकारियों को भी सतर्क किया गया है।

कोल्हान के निचले इलाकों पर नजर
नदियों का जलस्तर बढ़ने से जमशेदपुर के बागबेड़ा, जुगसलाई, शास्त्रीनगर, कदमा, सोनारी, मानगो और सिदगोड़ा समेत नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी, घाट और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने तथा तेज बहाव वाले पानी को पार नहीं करने की सलाह दी गई है।

झारखंड में बारिश का दौर जारी
मौसम में बदलाव का असर सिर्फ कोल्हान तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण आंतरिक ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डीप डिप्रेशन कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल चुका है और उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से झारखंड में बारिश का दौर जारी है। 25 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी दी गई है। 26 और 27 सितंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

अगले कुछ घंटे अहम
लगातार बारिश, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक और डैम-बराज से पानी छोड़े जाने के कारण कोल्हान क्षेत्र में अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्वर्णरेखा और खरकई समेत अन्य नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में झारखंड के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और फ्लड कंट्रोल सेल की ओर से नदियों के जलस्तर तथा जल प्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है।

रांची में बारिश का असर: एजी मोड़ पर स्कूल बस पर गिरा पेड़, कोकर में भी सड़क हुई जाम
रांची: राजधानी रांची में लगातार हो रही बारिश के बीच शुक्रवार को पेड़ गिरने की दो घटनाएं सामने आईं। एजी मोड़ के…

रांची समेत झारखंड में आज भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
रांची: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शुक्रवार 25 सितंबर को झारखंड में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। राज्य के अधिकांश स्थानों…

















