झारखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती: रांची की सड़कों पर झलकी झारखंडी संस्कृति
रांची : झारखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए राजधानी रांची की सड़कें पारंपरिक “स्ट्रीट डांस” से गूंज उठीं। जिला प्रशासन रांची और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने शहरवासियों को झारखंडी लोककला की अनुपम झलक दिखाई।
राज्य सरकार के निर्देश पर यह आयोजन झारखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने और रजत जयंती को जनभागीदारी वाले उत्सव के रूप में मनाने के उद्देश्य से किया गया। अपराह्न 3 बजे से 5 बजे तक शहर के विभिन्न हॉट स्पॉट्स पर लोक कलाकारों ने अपनी कला का जादू बिखेरा।
कार्यक्रम के तहत करमटोली चौक, फिरयालाल चौक, राजेन्द्र चौक, बिरसा चौक, धुर्वा गोलचक्कर, धुर्वा बस स्टैंड, एयरपोर्ट क्षेत्र, मोरहाबादी पार्क, समाहरणालय (वेंडर मार्केट के समीप), रांची रेलवे स्टेशन, नामकुम चौक, हटिया (चांदनी चौक) और खेलगांव में झारखंडी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
ढोल, नगाड़ा, मांदर और झांझ की थिरकती ताल पर कलाकारों ने नागपुरी, संथाली, हो और कुरुख नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों की झांकियां और लोक धुनों की गूंज ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया।
स्थानीय कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं और आम नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को और यादगार बनाया। लोगों ने इसे झारकंड की सांस्कृतिक पहचान और एकता का जीवंत प्रतीक बताया।


















