हेमंत सरकार के कार्यकाल की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की सीबीआई जांच हो : प्रतुल शाहदेव

रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के साढ़े छह वर्षों के कार्यकाल में आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द करने और आयोग के सभी सदस्यों को बर्खास्त कर पारदर्शी तरीके से नई नियुक्तियां करने की मांग की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते के खिलाफ पर्याप्त तथ्य सामने आने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों की गिरफ्तारी से मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। आयोग के शीर्ष अधिकारियों से रिमांड पर पूछताछ आवश्यक है।

भाजपा नेता ने दावा किया कि जेपीएससी परीक्षा संचालन में निजी एजेंसियों की भूमिका संविधान और झारखंड लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया) नियमावली, 2002 की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, मूल्यांकन, मेरिट सूची तैयार करना और अंतिम चयन आयोग का संवैधानिक दायित्व है, जिसे किसी निजी एजेंसी को नहीं सौंपा जा सकता।

प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में जेपीएससी के कथित घोटाले पर कांग्रेस की चुप्पी उसका दोहरा राजनीतिक चरित्र उजागर करती है। उन्होंने सवाल किया कि युवाओं के मुद्दों पर मुखर रहने वाली कांग्रेस झारखंड के अभ्यर्थियों के मामले में मौन क्यों है। प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय भी उपस्थित थे।
















