हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़, 6 लोगों की मौत, कई घायल, राहत बचाव कार्य जारी
हरिद्वार : उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक भीषण भगदड़ मच गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब मंदिर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वे घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ की स्थिति तब उत्पन्न हुई जब मंदिर परिसर में अचानक भीड़ अनियंत्रित हो गई। मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे (उड़नखटोला) और पैदल मार्ग दोनों का उपयोग होता है, लेकिन रोपवे के हाल ही में बंद होने के कारण अधिकांश श्रद्धालुओं को 786 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक जाना पड़ रहा था। इससे भीड़ प्रबंधन में चुनौतियां बढ़ गईं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।
मनसा देवी मंदिर, जो शिवालिक पहाड़ियों के बिल्वा पर्वत पर स्थित है, हरिद्वार के पंच तीर्थों में से एक है और इसे 52 शक्तिपीठों में गिना जाता है। यह मंदिर मां मनसा देवी को समर्पित है, जिन्हें भगवान शिव की मानस पुत्री और नागराज वासुकी की बहन माना जाता है। मान्यता है कि मां मनसा भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं, जिसके चलते यहां साल भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, खासकर नवरात्रि और कुंभ मेले के दौरान।


















