कॉकरोच जनता पार्टी’ के बाद अब ‘इश्क करो पार्टी’ की दस्तक, पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने लॉन्च किया नया डिजिटल प्लेटफॉर्म
The Ishq Karo Party ( IKP )
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
By Justice Katju
I mooted the idea of creating the Ishq Karo Party ( hereinafter referred to as IKP ) to my friend Irfan Ali, who has been in USA for about 20 years, and lives and works in Princeton, New Jersey.
Irfan was impressed by the idea, and…— Markandey Katju (@mkatju) June 9, 2026
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों राजनीतिक दलों के अनोखे नामों की चर्चा जोरों पर है। हाल ही में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के वायरल होने के बाद, अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने ‘इश्क करो पार्टी’ (Ishq Karo Party – IKP) नाम से एक नई राजनीतिक पहल की घोषणा कर सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है।
क्या है ‘इश्क करो पार्टी’ का मकसद?
जस्टिस काटजू ने इस पार्टी को महज एक मजाक मानने वालों को स्पष्ट किया है कि यह एक गंभीर राजनीतिक और वैचारिक प्रयास है। उन्होंने बताया कि इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य “Make Love Not War” (युद्ध नहीं, प्यार करो) के सिद्धांत पर चलना है।
जस्टिस काटजू के अनुसार
इश्क’ का अर्थ: यहाँ इश्क का तात्पर्य स्त्री-पुरुष के बीच के आकर्षण से नहीं, बल्कि देश और उसकी जनता के प्रति निस्वार्थ प्रेम से है।
गंभीर समस्याओं का समाधान: काटजू का मानना है कि भारत की गरीबी, बेरोजगारी, कुपोषण और सांप्रदायिक नफरत जैसी समस्याएं तब तक हल नहीं हो सकतीं, जब तक लोग धर्म, जाति और भाषा की दीवारों से ऊपर उठकर एकजुट न हों।
राजनीतिक दृष्टिकोण: उन्होंने मौजूदा राजनेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें “स्वार्थी” बताया, जो केवल सत्ता पाने के लिए समाज में ध्रुवीकरण (polarization) को बढ़ावा देते हैं।
सोशल मीडिया पर मची खलबली
जस्टिस काटजू ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर लोगों को इस पार्टी से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है और इच्छुक लोगों से ishqkaroparty@gmail.com पर संपर्क करने को कहा है।
जहाँ एक ओर लोग इस पहल को लेकर उत्सुक हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इसे लेकर मीम्स भी बन रहे हैं। कई यूजर इसे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विकल्प के रूप में भी देख रहे हैं। हाल ही में जस्टिस काटजू ने एक कथित पोस्ट में पत्रकार मृणाल पांडे को भी CJP छोड़कर इस पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दिया था, जिस पर इंटरनेट पर काफी चर्चा हुई।
क्या यह केवल डिजिटल मौजूदगी है?
हालांकि, जस्टिस काटजू ने इसके लिए वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट बनाने की बात कही है, लेकिन अभी तक पार्टी का कोई औपचारिक घोषणापत्र या संगठनात्मक ढांचा सामने नहीं आया है। आलोचकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच यह चर्चा का विषय है कि क्या यह केवल एक ऑनलाइन अभियान बनकर रह जाएगा या वास्तव में एक जन-आंदोलन का रूप लेगा।
पटना कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में फैजल खान को बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक
रांची सहित पूरे झारखंड में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, आंशिक बादल और गरज-चमक की संभावना
झारखंड राज्यसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला, निर्दलीय प्रत्याशी ने बढ़ाई टेंशन


















