Irfan ansari

झारखंड: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के ‘महिला विधायकों’ पर बयान से मचा सियासी बवाल, विपक्ष ने मांगी माफी

Share
Link copied

रांची। झारखंड की सियासत में इन दिनों बयानबाजी का दौर चरम पर है। राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने महिला विधायकों को लेकर ऐसी टिप्पणी की है जिसने राज्य में नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह है की यह वीडियो उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया पर डाला है।

क्या है पूरा मामला?

अपने सोशल मीडिया x पर डाले हुए वीडियो में जो की अब वायरल हो रहा है इस वीडियो में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भाजपा पर हमलावर दिखे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पुरुष विधायकों को तो छोड़िए, अब तो भाजपा की महिला विधायकों के चेहरे पर भी ऐसी चमक आ गई है, मानो उनके घरों में दशहरा और दिवाली एक साथ आ गई हो।”
मंत्री ने आगे दावा किया कि भाजपा का अस्तित्व अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और पार्टी ने अपनी जमीर बेच दी है। उन्होंने इसे बर्दाश्त के बाहर करार दिया।

विपक्ष ने खोला मोर्चा

मंत्री के इस बयान के बाद झारखंड भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP महिला नेताओं का आरोप है कि इरफान अंसारी की टिप्पणी न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि यह महिला विधायकों के सम्मान पर भी सीधा प्रहार है। गीता कोड़ा ने कहा कि इरफान अंसारी द्वारा महिलाओं के चेहरे की चमक बढ़ जाने जैसे शब्द का प्रयोग करना पूरे महिला समाज का अपमान है। यह बयान शर्मनाक और निंदनीय है। कांग्रेस नेताओं और खासकर इरफान अंसारी के द्वारा महिलाओं को लेकर दिया गया यह कोई पहला आपत्तिजनक बयान नहीं है। इसके पहले भी महिलाओं के खिलाफ मंत्री आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। इससे पहले महिलाओं के लिए ये रिजेक्टेड माल जैसे शब्दों का प्रयोग कर अपमानित कर चुके हैं। यही नहीं, देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ भी कांग्रेसी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर चुके हैं। गीता कोड़ा ने कहा कि इरफान अंसारी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। इनका इलाज कराना जरूरी है। राज्य सरकार को तत्काल इन्हें रिनपास में भर्ती करा देना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष ने हेमंत सरकार से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को अविलंब बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं BJP ने इसे महिला शक्ति का अपमान बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक माफी की मांग की है।

चुनावी माहौल पर असर

राज्य में राज्यसभा चुनाव की तारीखें करीब आ रही हैं, ऐसे में दोनों ही खेमों (सत्ता पक्ष और विपक्ष) के बीच जीत के दावे तेज हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से राजनीतिक कटुता और बढ़ेगी, जो आने वाले दिनों में विधानसभा के पटल पर भी दिखाई दे सकती है।

फिलहाल, इस बयान पर मंत्री की ओर से कोई सफाई नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

Also Read :

इसे भी पढ़ें
लोहरदगा में NGT के आदेशों की धज्जियां उड़ी : सेन्हा में धड़ल्ले से जारी अवैध बालू खनन, प्रशासन खामोश
इसे भी पढ़ें

लोहरदगा में NGT के आदेशों की धज्जियां उड़ी : सेन्हा में धड़ल्ले से जारी अवैध बालू खनन, प्रशासन खामोश

प्रीतम / लोहरदगा लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अवैध बालू खनन का…

नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत, उपायुक्त ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
इसे भी पढ़ें

नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत, उपायुक्त ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में नशा मुक्त भारत अभियान की औपचारिक शुरुआत शुक्रवार को जिला मुख्यालय से की गई। इस अवसर पर…

रांची में करंट लगने से 13 वर्षीय बच्चे की मौत, परिवार में मचा कोहराम
इसे भी पढ़ें

रांची में करंट लगने से 13 वर्षीय बच्चे की मौत, परिवार में मचा कोहराम

रांची: राजधानी रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पंडरा ओपी के पिस्का मोड़ स्थित बैंक कॉलोनी में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक…

वाह रे न्याय व्यवस्था ! 34 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में 85 वर्षीय दीप राय दोषी ठहराए गए, लेकिन उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए मिली राहत
इसे भी पढ़ें

वाह रे न्याय व्यवस्था ! 34 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में 85 वर्षीय दीप राय दोषी ठहराए गए, लेकिन उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए मिली राहत

हाजीपुर (वैशाली), : ये सत्य घटना जितनी बार आप पढ़ेंगे देश ली न्याय व्यवस्था पर आपको आश्चर्य होगा । दरसल बिहार के…

लोहरदगा में पेसा (PESA) कानून को लेकर आर-पार: पारंपरिक व्यवस्था के समर्थन में DC को सौंपा ज्ञापन
इसे भी पढ़ें

लोहरदगा में पेसा (PESA) कानून को लेकर आर-पार: पारंपरिक व्यवस्था के समर्थन में DC को सौंपा ज्ञापन

लोहरदगा में पेसा कानून और पारंपरिक ग्राम सभाओं के अस्तित्व को लेकर विवाद। निशा उरांव के नेतृत्व में डीसी को सौंपा गया…

 

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।