गढ़वा : कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में घोर लापरवाही, दूषित भोजन और खौलता पानी पीने से 100 से अधिक छात्राएं अस्पताल में भर्ती

Over 100 female students hospitalized after consuming contaminated food and boiling water.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

विनय पांडे /  गढ़वा

गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शुक्रवार को विद्यालय प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कथित तौर पर दूषित भोजन खाने और भीषण गर्मी के बीच टंकी का खौलता हुआ पानी पीने से 100 से अधिक छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं। सभी छात्राओं को भवनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें से 20 से अधिक बच्चियों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पीड़ित छात्रों ने क्या कहा

पीड़ित छात्राओं ने बताया कि दोपहर के भोजन में उन्हें ‘पुआ’ और चावल दिया गया था। मुहर्रम को लेकर क्षेत्र में बिजली गुल थी और भीषण गर्मी के कारण छत पर रखी प्लास्टिक की टंकी का पानी उबल रहा था। प्यास बुझाने के लिए छात्राओं को वही गर्म पानी पीने पर मजबूर होना पड़ा। शाम तक एक-एक कर छात्राओं को पेट में तेज दर्द, उल्टी और सिर चकराने की शिकायत होने लगी। छात्राओं का आरोप है कि परिसर में जेनरेटर होने के बावजूद पानी की मोटर चलाने या राहत देने के लिए उसका उपयोग नहीं किया गया।

विद्यालय का कुप्रबंधन

इस पूरी घटना के दौरान विद्यालय में भारी कुप्रबंधन देखने को मिला। घटना के वक्त न तो वॉर्डन मौके पर थीं और न ही एकाउंटेंट; पूरा हॉस्टल केवल गार्ड के भरोसे था। बच्चियों की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर जब बदहवास अभिभावक हॉस्टल पहुंचे, तो प्रबंधन ने मामले को दबाने के लिए मुख्य दरवाजा बंद रखा। परिजनों के गिड़गिड़ाने और भारी हंगामे के बाद, स्थानीय थाना प्रभारी के हस्तक्षेप पर पुलिस की कड़ाई के बाद ही दरवाजा खोला गया।

देर रात स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर छात्राओं को अस्पताल लाया गया, जहां भवनाथपुर बीडीओ नंद जी राम और अंचलाधिकारी शंभू राम ने खुद मोर्चा संभालते हुए डॉक्टरों को मुस्तैद किया। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह फूड प्वाइजनिंग और अत्यधिक गर्मी में दूषित या गर्म पानी पीने का मामला है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सभी को जरूरी दवाइयां व स्लाइन दी जा रही हैं।

इस घटना को लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में बच्चियों को गर्म पानी पिलाना और सही भोजन न देना लापरवाही की पराकाष्ठा है। प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है।

Also Read :

राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग : रामदास आठवले, बोले- एसआईटी जांच से सच आएगा सामने

SIR : नागरिकता साबित करने के लिए क्या हैं नियम ? मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कि बताई यह बातें आपको जरूर जानी चाहिए

एसआईआर प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए, गैर-भारतीय नागरिक बीएलओ को लौटाएं फॉर्म: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

रांची में 28 से 30 जून तक चलेगा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, 5 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा

 

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now