चतरा में कोयला डंपिंग पर ‘जंगलराज’: खूनी संघर्ष में कई घायल, पुलिस छावनी में बदला द्वारी बाजारटांड़

चतरा (गिद्धौर): जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र के द्वारी बाजारटांड़ में कोयला डंपिंग साइड शनिवार को अखाड़ा बन गई। कोयला कारोबार में वर्चस्व और डंपिंग के मुद्दे को लेकर दो गुटों के बीच हुई भिड़ंत ने हिंसक रूप ले लिया। लाठी-डंडों से लैस गुटों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे करीब आधा दर्जन लोग लहूलुहान हो गए।
सड़क पर पसरा ‘कोयला और कोहराम
हिंसा के तुरंत बाद हजारीबाग–चतरा मुख्य मार्ग (कटकमसांडी–गिद्धौर पथ) पर उस समय स्थिति और बिगड़ गई जब आक्रोशित भीड़ ने इंदिरा मोड़ के पास चक्का जाम कर दिया। सड़क पर चारों तरफ बिखरा कोयला लोगों के गुस्से की गवाही दे रहा था। घंटों की घेराबंदी से आवागमन पूरी तरह ठप रहा और आम लोग जाम में फंसे रहे। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि जब तक हमलावर सलाखों के पीछे नहीं होंगे, वे पीछे नहीं हटेंगे।
प्रशासन की चेतावनी: बख्शे नहीं जाएंगे उपद्रवी
हालात की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ (SDPO) शनि वर्धन, अंचल अधिकारी अनंत शयनम विश्वकर्मा और थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। प्रशासन ने मोर्चा लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कानून तोड़ने का अधिकार किसी को नहीं है।
अधिकारियों ने दी ये जानकारी:
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की सख्त हिदायत दी है।
फिलहाल, पुलिस की मौजूदगी ने स्थिति को नियंत्रित तो कर लिया है, लेकिन कोयलांचल की इस घटना ने इलाके में फिर से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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