सिमडेगा पुलिस ने गोवंशीय पशु तस्करी का किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, चार बैल बरामद

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: गोवंशीय पशुओं की अवैध तस्करी के खिलाफ सिमडेगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चार गोवंशीय पशुओं (दो जोड़ी बैल) को बरामद किया है। मंगलवार को एसडीपीओ कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने मामले का खुलासा किया।
एसडीपीओ ने बताया कि 13 जुलाई 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कोचेडेगा की ओर से शंख नदी छठ घाट, गरजा के रास्ते दो व्यक्ति चार गोवंशीय पशुओं को मारते-पीटते गोकशी के उद्देश्य से ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने शंख नदी छठ घाट के समीप कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को चार गोवंशीय पशुओं के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुमला जिले के आम्बुआ निवासी कबीर अंसारी (23) और मो. उल्फत अंसारी (35) के रूप में हुई।
इस संबंध में सिमडेगा थाना में कांड संख्या 96/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(5)/3(5), झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम, 2005 की धारा 12(1)(2) तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(A)(F)(K) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पैकपारा निवासी सुधीर साहु से गोवंशीय पशु खरीदकर जंगल के रास्ते अपने गांव ले जाते थे। वहां कुछ दिनों तक रखने के बाद आसपास के अवैध बूचड़खानों में उनकी हत्या कर मांस की बिक्री की जाती थी।
आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर मामले में संलिप्त सुधीर साहु, निवासी पैकपारा तेलीटोली, थाना रेगांरीह, जिला सिमडेगा को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
















