जमशेदपुर : मरिया के चीटामाटी टोला में सड़क का अभाव उजागर, बीमार ग्रामीण को खटिया पर 4 किमी ढोकर पहुंचाया अस्पताल

By Niraj tiwari
जमशेदपुर:पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड की बड़ाकांजिया पंचायत अंतर्गत जादूगोड़ा गांव के चीटामाटी टोला से सामने आई एक तस्वीर ने ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क नहीं होने के कारण गंभीर रूप से बीमार टोला प्रधान जंगल हेम्ब्रम को ग्रामीणों ने खटिया पर लिटाकर करीब चार किलोमीटर तक दुर्गम पहाड़ी रास्तों से कंधों पर ढोते हुए अस्पताल पहुंचाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, जंगल हेम्ब्रम की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद सहायता नहीं मिल सकी। वहीं, चीटामाटी टोला तक सड़क नहीं होने के कारण कोई भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाया। मजबूर होकर ग्रामीणों ने लकड़ी की खटिया पर मरीज को लिटाया और पथरीले व ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों से करीब चार किलोमीटर दूर कानीकोचा तक पैदल पहुंचाया। कानीकोचा पहुंचने के बाद एक निजी वाहन की व्यवस्था कर जंगल हेम्ब्रम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
ग्रामीणों में नाराजगी, सड़क और स्वास्थ्य सुविधा की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चीटामाटी टोला आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। बीमार मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी खटिया ही एकमात्र सहारा बनती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि चीटामाटी टोला को जल्द मुख्य सड़क से जोड़ा जाए, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए और 108 एंबुलेंस सेवा की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
भाजपा ने सरकार को घेरा
इस घटना को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि डुमरिया से आई यह तस्वीर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के दावों की वास्तविकता उजागर करती है। उनका आरोप है कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन आज भी कई गांव सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
















