Modi government takes major action on paper leaks; new amendment bill to be introduced in Lok Sabha; hearings to be held within 3 months, with strict punishment for the guilty.

पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, लोकसभा में आएगा नया संशोधन बिल; 3 महीने में होगी सुनवाई, दोषियों पर कड़ी सजा

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Modi government takes major action on paper leaks; new amendment bill to be introduced in Lok Sabha; hearings to be held within 3 months, with strict punishment for the guilty.
Modi government takes major action on paper leaks; new amendment bill to be introduced in Lok Sabha; hearings to be held within 3 months, with strict punishment for the guilty.

नई दिल्ली : देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के बाद केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सोमवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा।

केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सदन में इस विधेयक को प्रस्तुत करने की अनुमति का प्रस्ताव रखेंगे। माना जा रहा है कि इस संशोधन के जरिए केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली, पेपर लीक और संगठित परीक्षा अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना चाहती है।

प्रस्तावित विधेयक में सात अहम बदलाव किए गए हैं। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परीक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए सेशन कोर्ट को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के रूप में अधिसूचित करने का अधिकार मिलेगा। इन अदालतों में मामलों की सुनवाई दैनिक आधार पर होगी और चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने का लक्ष्य रखा गया है।

विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि परीक्षा से जुड़े अपराधों की जांच अधिकतम दो महीने के भीतर पूरी की जाएगी। वहीं, यदि मामला गंभीर हो या एक से अधिक राज्यों से जुड़ा हो, तो केंद्र सरकार विशेष टास्क फोर्स गठित कर सकेगी, जो जांच और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके अलावा, राज्य सरकारों को ऐसे मामलों के लिए विशेष लोक अभियोजक या कानूनी सलाहकार नियुक्त करने का अधिकार भी दिया जाएगा, ताकि अभियोजन प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

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प्रस्तावित कानून के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक करने वाले गिरोहों, कोचिंग संस्थानों और तकनीकी सेवा प्रदाताओं के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर उन्हें लंबी अवधि की जेल और भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि NEET-UG 2026 विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। संसद के मानसून सत्र में भी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में यह संशोधन विधेयक न केवल परीक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि आने वाले समय में देश की शिक्षा व्यवस्था पर इसके दूरगामी प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।

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