Shravani Mela 2026: Baba Dham security in Deoghar to be ensured via 11,500 police personnel, AI drones, and facial recognition.

श्रावणी मेला 2026: देवघर में 11,500 पुलिसकर्मी, 40 DSP , AI ड्रोन और फेस रिकग्निशन से होगी बाबा धाम की सुरक्षा

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Shravani Mela 2026: Baba Dham security in Deoghar to be ensured via 11,500 police personnel, AI drones, and facial recognition.
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देवघर: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल की तैनाती की है। 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने हाईटेक सुरक्षा योजना लागू की है।

मेले के दौरान 11,500 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल पूरे मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ड्रोन कैमरे तथा फेस रिकग्निशन तकनीक से लैस कैमरों का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिवगंगा सरोवर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम 24 घंटे तैनात रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 21 अस्थायी मेला पुलिस ओपी और 13 अस्थायी ट्रैफिक ओपी स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।

प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के मद्देनजर कई सख्त नियम भी लागू किए हैं। डबल डेकर कांवरिया वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा किसी भी वाहन की छत पर बैठकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, मेला अवधि के दौरान *वीआईपी दर्शन की व्यवस्था भी पूरी तरह बंद रहेगी, ताकि सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से सुचारु दर्शन का अवसर मिल सके।

राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए झारखंड पुलिस ने बाबा बैद्यनाथ धाम और आसपास के मेला क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण और सुचारु यातायात संचालन के लिए इस बार बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की गई है।

प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटते हुए 21 अस्थायी मेला पुलिस ओपी और 13 अस्थायी ट्रैफिक ओपी स्थापित किए हैं। इसके अलावा मंदिर के प्रवेश और निकास द्वार, कंट्रोल रूम, उमा भवन तथा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) सहित कुल नौ संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।

श्रावणी मेले के सफल संचालन के लिए 40 डीएसपी रैंक के अधिकारियों के साथ तीन इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा निगरानी, यातायात नियंत्रण और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रतिनियुक्त अधिकारियों में बैद्यनाथ प्रसाद, विद्या शंकर, प्रदीप उरांव, महेश प्रजापति, तुलेश्वर प्रसाद कुशवाहा, आशुतोष कुमार सत्यम, सहदेव प्रसाद, रंजीत कुमार लकड़ा, अशोक रविदास, अनिल कुमार सिंह, सुरेश प्रसाद, भोला प्रसाद सिंह, राजेन्द्र कुमार दुबे, वशिष्ठ नारायण सिंह, वरुण देवगम, नोवेल कुजूर, नवल किशोर प्रसाद, अजय कुमार केशरी, सतीश कुमार, नीरज कुमार सिंह, धीरेन्द्र नारायण बंका, अरविन्द कुमार बिन्हा, मनोज कुमार, अतीन कुमार, राजा कुमार मित्रा, सुमीत प्रसाद, आनंद ज्योति मिंज, अजय कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, विजय कुमार कुशवाहा, मोहम्मद तौकिर आलम, शारदा रंजन प्रसाद सिंह, बुधराम उरांव, मनोज कुमार महतो, श्री कुमार राम, राजेश कुमार, संजय कुमार, राम अनुप महतो, दयानन्द आजाद, चन्द्रशेखर आजाद और पवन कुमार शामिल हैं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने दावा किया है कि पूरे मेले के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके

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