गुरुपूर्णिमा पर अघोर पीठ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए गुरु-दर्शन

नवीन कुमार
वाराणसी: गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को वाराणसी स्थित अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम् एवं अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक देश-विदेश से पहुंचे एक लाख से अधिक शिष्य एवं श्रद्धालुओं ने अपने पूज्य गुरुदेव के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुरुपूर्णिमा महोत्सव की शुरुआत प्रातः 5:15 बजे प्रभातफेरी, सर्वेश्वरी ध्वजारोहण और सफलयोनि सद्ग्रंथ के पाठ के साथ हुई। इसके बाद पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने अपने गुरुदेव परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के आसन का विधिवत पूजन किया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं का दर्शन-पूजन का क्रम लगातार दोपहर तक चलता रहा।
गुरु पूर्णिमा पर रामरेखा धाम और देवराहा बाबा आश्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
आश्रम परिसर में श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस दौरान “माँ सर्वेश्वरी”, “अघोरेश्वर महाप्रभु” और “बाबा कीनाराम” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। धूप और बादलों के बीच चल रही शीतल हवाओं ने भी श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई।
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संस्थान की ओर से दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को सूक्ष्म प्रसाद वितरित किया गया, जबकि दर्शन के बाद विशाल भंडारे में दोपहर का प्रसाद कराया गया। गर्मी और उमस को देखते हुए आश्रम के बच्चों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे समय श्रद्धालुओं को शीतल जल और शिकंजी उपलब्ध कराई।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजन, नवजात शिशुओं के साथ आई महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के त्वरित दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई थी। वहीं किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम के बहिरंग विभाग में दो दर्जन से अधिक चिकित्सकों की टीम निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं के साथ पूरे समय तैनात रही।

गुरुपूर्णिमा के इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर अघोर पीठ की आध्यात्मिक परंपरा, अनुशासित व्यवस्था और सेवा भावना की मिसाल प्रस्तुत की। देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
















