सरायकेला: ग्लोरिया इंजीनियरिंग में सिलेंडर ब्लास्ट, झुलसे मजदूर की TMH में मौत; 6 अन्य का इलाज जारी
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस ने शुरू की जांच

सरायकेला। आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित ग्लोरिया इंजीनियरिंग कंपनी में गुरुवार को हुए भीषण सिलेंडर ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे एक मजदूर की इलाज के दौरान टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में मौत हो गई। मृतक की पहचान मुरली पात्रो (30) के रूप में हुई है। वह गम्हरिया थाना क्षेत्र के बासुरदा गांव का निवासी था और कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था।
हादसे में एक महिला कर्मी समेत कुल सात मजदूर घायल हुए थे। विस्फोट में गंभीर रूप से झुलसे मुरली पात्रो को अन्य घायलों के साथ तत्काल TMH ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

छह घायलों का इलाज जारी
घटना में घायल सूरज हांसदा, सोनमुनी दास और अनिल यादव का इलाज टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में चल रहा है। वहीं शैलेंद्र महतो, अंकित कुमार और प्रकाश बोदरा का उपचार स्थानीय संजीवनी नर्सिंग होम में किया जा रहा है। सभी घायलों की स्थिति पर चिकित्सकों की लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सिलेंडर ब्लास्ट से हुआ हादसा, कारण स्पष्ट नहीं
प्राथमिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में सिलेंडर ब्लास्ट के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि विस्फोट तकनीकी खराबी, गैस रिसाव या किसी अन्य वजह से हुआ, इसका अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।

सुरक्षा मानकों की जांच शुरू
घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फैक्ट्री प्रबंधन से हादसे की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
फैक्ट्री प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल
हादसे के कई घंटे बीत जाने के बावजूद ग्लोरिया इंजीनियरिंग प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया से दूरी और प्रबंधन की चुप्पी के कारण फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
JPSC विवाद: परीक्षा कराने वाली एजेंसी ने अपने लोगों को दिलाई सरकारी नौकरी, बाबूलाल मरांडी का आरोप
पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















