Boating Halted, Tourism Sluggish: Development Stalled at Kelaghat Dam, Tourists Disappointed

बोटिंग बंद, पर्यटन मंद: केलाघाट डैम पर विकास की नाव किनारे, पर्यटक हो रहे निराश

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Boating Halted, Tourism Sluggish: Development Stalled at Kelaghat Dam, Tourists Disappointed
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शंभू कुमार सिंह 

सिमडेगा: जिले का प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सिद्धेश्वरनाथ मंदिर आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, लेकिन बुनियादी पर्यटन सुविधाओं के अभाव में इसकी चमक फीकी पड़ती जा रही है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर केलाघाट डैम पर पिछले करीब 10 वर्षों से बोटिंग सेवा बंद होने के कारण पर्यटकों को निराश लौटना पड़ रहा है, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, एक समय केलाघाट डैम की बोटिंग यहां का सबसे बड़ा आकर्षण थी। परिवार, बच्चे और युवा बड़ी संख्या में नाव की सैर करने पहुंचते थे, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलता था। लेकिन पुरानी नावों के जर्जर होने के बाद नई नाव उपलब्ध नहीं कराई गई और तब से बोटिंग सेवा पूरी तरह ठप है।

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सिद्धेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी कल्याण मिश्रा ने बताया कि बोट संचालन के लिए उन्होंने निर्धारित सुरक्षित राशि (सिक्योरिटी मनी) जमा की थी। नावें खराब होने के बाद उन्होंने कई बार जिला प्रशासन से नई नाव उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक से ऋण लेकर जमा की गई सुरक्षित राशि वापस लेने के लिए भी उन्हें वर्षों से विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हो सका है।

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स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि केलाघाट डैम में दोबारा बोटिंग शुरू कर दी जाए तो पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी। इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

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स्वतंत्रता दिवस और आगामी पर्यटन सीजन नजदीक होने के बावजूद बोटिंग सेवा बहाल होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में इस पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों, खासकर बच्चों और युवाओं को एक बार फिर मायूस होकर लौटना पड़ सकता है।

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स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द नई नाव उपलब्ध कराने, बोटिंग सेवा शुरू करने और वर्षों से लंबित सुरक्षित राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

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