धनबाद में आधी रात सबसे बड़ा साइबर रेड! 150 जवानों ने घेरा पूरा गांव, 11 साइबर ठग गिरफ्तार
ग्रामीण एसपी समेत 20 से अधिक पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में मेगा ऑपरेशन, 2.85 लाख रुपये नकद, 19 मोबाइल और कई बैंक दस्तावेज बरामद
धनबाद: रात का सन्नाटा था। गांव के लोग गहरी नींद में सो रहे थे। तभी अचानक पुलिस की गाड़ियों के सायरन से पूरा इलाका गूंज उठा। देखते ही देखते 150 से अधिक जवानों ने धनबाद के पिठाक्यारी गांव को चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीण एसपी समेत दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घर-घर तलाशी शुरू हुई। कुछ ही देर में पुलिस ने 11 संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
धनबाद में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 2.85 लाख रुपये नकद, 19 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और कई अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल और बैंक खातों की जांच कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

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गुप्त सूचना के बाद आधी रात को पुलिस का धावा
धनबाद एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे मेगा ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को 1 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि पिठाक्यारी गांव में कुछ लोग साइबर ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की। ग्रामीण एसपी मोहम्मद एस. याकूब और निरसा एसडीपीओ लीलेश्वर महतो की निगरानी में छापेमारी की योजना बनाई गई। साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने देर रात गांव में प्रवेश किया।
कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। भारी संख्या में जवानों की तैनाती कर पूरे गांव की घेराबंदी की गई, ताकि संदिग्धों को भागने या सबूत मिटाने का मौका न मिले।

11 गिरफ्तार, सभी आरोपी पिठाक्यारी गांव के रहने वाले
पुलिस ने छापेमारी के दौरान श्यामसुंदर रविदास, राहुल रविदास, सचिन रविदास, मलय रविदास, श्यामापदो रविदास, झंटू ठाकुर, कुंदन वर्णवाल, अरमान रविदास, अजय रविदास, विजय रविदास और सागर रविदास को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 39 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, इनमें कई पढ़े-लिखे युवक भी शामिल हैं। इन पर साइबर ठगी से जुड़े अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने का संदेह है।
2.85 लाख नकद और 19 मोबाइल बरामद
पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से कई अहम सामान बरामद किए गए। इनमें शामिल हैं:
2.85 लाख रुपये नकद
19 स्मार्टफोन और कीपैड मोबाइल
कई एटीएम कार्ड
बैंक पासबुक
चेकबुक
अन्य बैंकिंग दस्तावेज
पुलिस को आशंका है कि इन दस्तावेजों और मोबाइल फोन के जरिए साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जांच टीम डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैले नेटवर्क की आशंका
जांच में पुलिस को संदेह है कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क सिर्फ धनबाद तक सीमित नहीं है। इसके तार बिहार और पश्चिम बंगाल तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन से कॉल डिटेल, डिजिटल लेनदेन और संदिग्ध संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों में जमा होती थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की बड़ी चुनौती
धनबाद का पिठाक्यारी गांव पहले भी साइबर अपराध से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। इलाके से फर्जी बैंक खातों, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड के इस्तेमाल से संबंधित मामले सामने आते रहे हैं।
इस बार पुलिस ने भारी बल के साथ रात में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर कार्रवाई की। पुलिस का मानना है कि संगठित तरीके से की गई ऐसी कार्रवाई साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद कर सकती है।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में डिजिटल साक्ष्यों की जांच से साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिलने की उम्मीद है।

















