रिम्स में बड़े बदलावों को मंजूरी: नए हॉस्टल, हाईटेक ओपीडी, 200 वेंटिलेटर और रोबोटिक सर्जरी की तैयारी

रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की गवर्निंग बॉडी (जीबी) की बैठक में 26 एजेंडों पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने प्रेस वार्ता कर फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि रिम्स को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में नए हॉस्टल, नए वार्ड और अत्याधुनिक ओपीडी ब्लॉक के निर्माण को स्वीकृति दी गई। रिम्स के मुख्य प्रवेश द्वार को हाईटेक बनाने तथा एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक शौचालयों के निर्माण का निर्णय लिया गया। इसके अलावा पुराने और जर्जर फर्श की मरम्मत कराई जाएगी और हॉस्टलों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
ऑर्थोपेडिक विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डॉक्टरों और अन्य मैनपावर की संख्या बढ़ाने पर चर्चा हुई। वार्डों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए वार्ड बॉय की नियुक्ति की जाएगी। रिम्स में 200 नए वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे और रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 250 हो गई हैं, जिससे संस्थान को प्रति सीट लगभग 1.4 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी। रिम्स में स्मार्ट क्लास की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने और थैलेसीमिया मरीजों के लिए ब्लड बैंक व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में पूर्व रिम्स निदेशक का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनके बेटे की नियुक्ति यदि नियमों के अनुरूप पाई जाती है तो वह जारी रहेगी, अन्यथा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें जीबी बैठक में शामिल होकर अपने सुझाव देने चाहिए थे और इसके लिए उन्हें संदेश भी भेजा गया था।

















