चांडिल डैम: जलस्तर बढ़ने से कई एकड़ फसल जलमग्न, विधायक सविता महतो के हस्तक्षेप के बाद खुले डैम के गेट
सरायकेला-खरसावां: कोल्हान क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने चांडिल अनुमंडल के किसानों की कमर तोड़ दी है। चांडिल डैम का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में स्थित सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
इन गांवों में मचा हाहाकार
डैम का पानी खेतों में घुसने से सबसे अधिक प्रभावित गांवों में काशीपुर, लावा, ओड़िया, अंडा, हुटू और कल्याणपुर शामिल हैं। किसानों का कहना है कि वे साल भर में केवल एक बार ही मुख्य खेती कर पाते हैं। ऐसे में जलभराव के कारण धान की खड़ी फसल बर्बाद होने से उनके सामने जीविका का संकट खड़ा हो गया है।
विधायक सविता महतो की पहल से मिली राहत
किसानों की विकट स्थिति को देखते हुए ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने चांडिल डैम प्रबंधन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से उच्च-स्तरीय वार्ता की। विधायक के कड़े हस्तक्षेप के बाद, प्रशासन ने डैम के तीन रेडियल गेट खोल दिए हैं। गेट खुलने से खेतों में भरा पानी तेजी से निकलना शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
किसानों की मांग: सर्वे हो और मिले मुआवजा
फसल बचाए जाने के बाद अब किसानों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। स्थानीय किसानों ने सरकार से मांग की है कि:
राजस्व और कृषि विभाग की टीम जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करे।
नुकसान के आकलन के आधार पर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों का कहना है कि अगर उन्हें समय पर आर्थिक सहायता नहीं मिली, तो उनकी कमर पूरी तरह टूट जाएगी। फिलहाल, प्रशासन ने पानी निकासी पर नजर बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
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