झारखंड राज्यसभा चुनाव: महागठबंधन ने भरी हुंकार, बैजनाथ राम और प्रणव झा ने दाखिल किया नामांकन
रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है। सोमवार को झारखंड विधानसभा परिसर में सत्ताधारी महागठबंधन ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए अपने दोनों प्रत्याशियों का नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा ने अपना पर्चा भरा।
महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के दौरान महागठबंधन के दिग्गज नेता और सभी विधायक एक मंच पर नजर आए। गठबंधन ने एकजुटता का संदेश देते हुए दावा किया कि संख्या बल उनके पक्ष में है और दोनों सीटों पर उनकी जीत सुनिश्चित है। झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम ने पूरे दमखम के साथ दो सेटों में अपना नामांकन दाखिल किया, जिसमें प्रत्येक सेट के लिए 10-10 विधायकों ने प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने भी एक सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर अपनी दावेदारी को मजबूती प्रदान की।
मुकाबला हुआ दिलचस्प: परिमल नाथवानी की एंट्री
हालांकि महागठबंधन अपनी जीत का दावा कर रहा है, लेकिन एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी ने इस चुनावी मुकाबले को बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जानकारों का मानना है कि यह चुनाव अब केवल बहुमत का नहीं, बल्कि ‘संख्या बल के प्रबंधन’ और ‘रणनीतिक घेराबंदी’ का खेल बन गया है।
18 जून को होगा फैसला
राज्यसभा चुनाव की यह प्रक्रिया पूरी तरह से क्रॉस वोटिंग और दलीय निष्ठा पर टिकी है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सबकी निगाहें 18 जून को होने वाले मतदान पर टिक गई हैं।
झारखंड की राजनीति में इस बार का राज्यसभा चुनाव किस दिशा में करवट लेगा, यह तो आने वाली 18 जून को ही स्पष्ट हो पाएगा।
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