झारखंड विधानसभा का सत्र 5 दिनों का… विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष तैयार – मानसून सत्र में सियासी तापमान हाई।
झारखंड विधानसभा का सत्र 5 दिनों का… विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष तैयार – मानसून सत्र में सियासी तापमान हाई।

लोकेशन: रांची, झारखंड
झारखंड विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र 1 अगस्त से शुरू हो रहा है, जो 7 अगस्त तक चलेगा। लेकिन इस बार सत्र केवल पांच कार्यदिवसों का ही रखा गया है, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में घमासान मच गया है।
राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि जब राज्य में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, तो ऐसे में केवल पांच दिनों का सत्र रखना सरकार की विफलता को छिपाने की साजिश है।
अविनेश कुमार, भाजपा प्रवक्ता ने कहा:
“सरकार हर मोर्चे पर विफल है। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए सत्र छोटा रखा गया है। लोकतंत्र में संवाद के लिए पर्याप्त समय जरूरी होता है, लेकिन सरकार जवाब देने से डरती है।”
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
राकेश सिन्हा, कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा:
“अगर विपक्ष की नीयत साफ हो, तो पांच दिन भी पर्याप्त हैं राज्य की जनता के मुद्दों पर गंभीर बहस और समाधान के लिए। मुद्दा समय का नहीं, बल्कि इरादों का है।”
झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। जहां विपक्ष सरकार को घेरने के लिए तैयारी में जुट गया है, वहीं सत्ता पक्ष अपने बचाव के साथ-साथ सत्र को प्रोडक्टिव बनाने का दावा कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या यह सत्र वाकई जनता के मुद्दों पर केंद्रित होगा या फिर राजनीति की शोर में जनता की आवाज़ कहीं दब जाएगी?

















