हजारीबाग केंद्रीय कारागार में पुलिस प्रशासन का बड़ा एक्शन, एसपी के नेतृत्व में हुई औचक छापेमारी

हजारीबाग: जिला प्रशासन और पुलिस ने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारागार में पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और दंडाधिकारियों की मौजूदगी में औचक छापेमारी की गई। इस अचानक हुई कार्रवाई से जेल के भीतर हड़कंप मच गया।
छापेमारी के प्रमुख उद्देश्य
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा: जेल की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लेना।
अवैध गतिविधियों पर रोक: जेल के भीतर प्रतिबंधित वस्तुओं, मोबाइल और नशीले पदार्थों की तस्करी को पूरी तरह रोकना।
अपराध पर अंकुश: संगठित अपराध से जुड़े तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना।

बैरकों की सघन तलाशी और विशेष बैठक
छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने जेल परिसर के विभिन्न बैरकों, वार्डों और संदिग्ध स्थलों की गहन तलाशी ली। इस दौरान सुरक्षा के तमाम पहलुओं की जांच की गई।
निरीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक ने कारागार प्रशासन और वहां तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
जेल को किसी भी सूरत में आपराधिक गतिविधियों का केंद्र न बनने देना।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए तकनीकी और मानवीय निगरानी बढ़ाना।
जेल में सुधार की राह पर चल रहे सामान्य बंदियों के लिए एक सुरक्षित, भयमुक्त और अनुशासित वातावरण तैयार करना।
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प्रशासन की कड़ी चेतावनी
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जेल के भीतर किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असामाजिक तत्वों और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि जेल की सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे।
















