IFWJ Jharkhand's 'Mashal' Saves a Father's Life

मानवता की मिसाल: जब इलाज की राह में ‘अंधेरा’ था, तब IFWJ झारखंड की मशाल ने बचाई एक पिता की जान

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राँची के प्रशांत मिश्रा के पिता के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए IFWJ झारखंड ने पेश की मानवता की मिसाल। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के जरिए बचाई एक बुजुर्ग की जान। पढ़ें एक भावुक आभार की कहानी।

IFWJ Jharkhand's 'Mashal' Saves a Father's Life

आकाश सिंह

राँची:  पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के प्रति संवेदना और जिम्मेदारी का नाम भी है। इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ)  झारखंड की टीम ने। राँची के किशोरगंज निवासी प्रशांत मिश्रा के परिवार के लिए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और उनकी टीम एक ‘फरिश्ता’ बनकर सामने आई है।

संकट में था परिवार, टूट रही थी उम्मीद

प्रशांत मिश्रा के पिता, श्री रंधीर मिश्रा, वर्तमान में किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और वेल्लोर (CMCH) में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी, जिसका खर्च लगभग  15 लाख रुपये बताया गया। एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना पहाड़ जैसा लक्ष्य था। सही जानकारी के अभाव में परिवार पूरी तरह टूट चुका था।

IFWJ का मार्गदर्शन बना ‘संजीवनी

इस कठिन घड़ी में ‘इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट’ के प्रदेश अध्यक्ष ने न केवल परिवार को ढांढस बंधाया, बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी सहायता योजना’ की सटीक जानकारी दी। संगठन के सक्रिय सहयोग और सही मार्गदर्शन के कारण सरकारी प्रक्रियाएँ जल्द पूरी हुईं और परिवार को इलाज के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त हो गई।
प्रशांत मिश्रा ने एक मार्मिक पत्र लिखकर संगठन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा:

 “इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना हमारे सामर्थ्य में नहीं था। आपके सहयोग के कारण आज हम अपने पिताजी का इलाज कराने में सक्षम हैं। आपके इस महान कार्य ने एक परिवार को बिखरने से बचा लिया।”

संगठन की प्रतिबद्धता की हर ओर सराहना

IFWJ झारखंड न केवल पत्रकारों के हितों के लिए लड़ता है, बल्कि आम नागरिकों की मदद के लिए भी सदैव तत्पर रहता है। प्रदेश अध्यक्ष के इस मानवीय कदम की चहुंओर प्रशंसा हो रही है। यह घटना साबित करती है कि यदि नेतृत्व सही दिशा में हो, तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुँच सकता है।

जहाँ आज के दौर में लोग अपने स्वार्थ से ऊपर नहीं उठ पाते, वहीं IFWJ जैसी संस्थाओं का यह सेवा भाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। रंधीर मिश्रा जी का इलाज अब सुचारू रूप से चल रहा है और उनका पूरा परिवार संगठन की इस निस्वार्थ सेवा का ऋणी है।

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Drishti Now Desk

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