27 Naxals Surrender Under Operation "Navjeevan"

झारखण्ड पुलिस को बड़ी कामयाबी: ऑपरेशन “नवजीवन” के तहत 27 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, भारी मात्रा में हथियार बरामद

27 Naxals Surrender Under Operation "Navjeevan"

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रांची, 21 मई : झारखण्ड में नक्सलवाद के खिलाफ जारी लड़ाई में आज सुरक्षा बलों को एक ऐतिहासिक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखण्ड पुलिस, कोबरा बटालियन और झारखण्ड जगुआर के संयुक्त ऑपरेशन “नवजीवन” के तहत भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडरों सहित कुल 27 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।

कोल्हान और सारंडा क्षेत्र के लिए बड़ा झटका

आत्मसमर्पण करने वाले कुल 27 नक्सलियों में से 25 सदस्य भाकपा (माओवादी) के हैं, जो लंबे समय से कोल्हान और सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय थे। इनमें 6 जोनल कमांडर (SZCM), 6 एरिया कमांडर (ACM) और 13 दस्ता सदस्य शामिल हैं। इनके अलावा गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी (JJMP) के भी 2 शीर्ष कमांडर भी मुख्यधारा में शामिल हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, इन नक्सलियों के पास से 17 आधुनिक हथियार और करीब 3000 गोलियां बरामद की गई हैं। यह आत्मसमर्पण संगठन के आंतरिक शोषण और पुलिस द्वारा बढ़ाई गई दबिश का परिणाम है।

साल 2026 में सुरक्षा बलों का दबदबा

महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड के नेतृत्व में नक्सलियों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई जारी है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक:

44 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है।
29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए हैं।

चाईबासा के सारंडा क्षेत्र में आम जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए पुलिस ने 21 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) और सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं, जिससे नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र तेजी से सिमट रहा है।

खूंखार वारदातों में शामिल थे ये नक्सली

आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों और जनप्रतिनिधियों पर हुए कई जानलेवा हमलों का आरोप है। इनमें प्रमुख हैं:
पूर्व विधायक पर हमला:वर्ष 2022 में पूर्व विधायक गुरूचरण नायक पर हमला कर दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या और हथियार लूट।

लगातार आईईडी (IED) विस्फोट: टोंटो, गोइलकेरा और छोटानागरा क्षेत्र में आईईडी विस्फोट के जरिए सुरक्षा बलों को निशाना बनाना, जिसमें कई वीर जवान शहीद हुए और कई गंभीर रूप से घायल हुए।

विस्फोटक लूट:वर्ष 2023 में मैगजीन से 7000 से अधिक डिटोनेटर लूटने की बड़ी घटना।

‘सरकार की पुनर्वास नीति का असर’

झारखण्ड सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ के प्रति नक्सलियों का भरोसा बढ़ा है। पुलिस महानिदेशक ने संगठन में बचे हुए अन्य नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा और भयादोहन का रास्ता छोड़ें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें।

आज का यह ऑपरेशन नवजीवन पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) और गिरिडीह क्षेत्र में माओवादियों के लिए एक “करारा प्रहार” माना जा रहा है, जिससे इलाके में नक्सलियों की कमर टूट गयी है।

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