हेमंत सोरेन सरकार का तेजतर्रार विकास अभियान: लगातार कई विभागों की उच्चस्तरीय समीक्षा, जमीनी बदलाव की मजबूत नींव”

नवींन कुमार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची, 5 जून : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले एक सप्ताह से एक से ज्यादा विभागों की लगातार उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें की हैं। यह सिलसिला 25 मई से शुरू होकर 11 जून तक चलेगा। यह सिर्फ औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जमीनी निगरानी और विभागीय समन्वय को नई गति देने का अभियान है।मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है — विकास हर गांव, हर घर और हर व्यक्ति तक पहुंचे। अबुआ सरकार की योजनाएं कागजों पर नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में ठोस बदलाव लाएं।
मुख्य विभागों की समीक्षा में दिए गए प्रमुख निर्देश:
योजना एवं विकास विभाग: विभिन्न योजनाओं और बजटीय प्रावधानों का समयबद्ध क्रियान्वयन, नियमित जमीनी मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय, इनोवेटिव स्कीम्स को बढ़ावा और प्रत्येक जिले की जरूरत के अनुसार विकास मॉडल तैयार करने पर जोर। साथ ही आगामी 10 वर्षों का विजन डॉक्यूमेंट बनाने पर चर्चा।
श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास: असंगठित, निर्माण और प्रवासी श्रमिकों का डिजिटल डेटाबेस, मैपिंग पोर्टल, हेल्पलाइन, प्रवासी सहायता केंद्र, सेफ्टी किट, मॉडल आईटीआई, आधुनिक कौशल केंद्र और मजबूत प्लेसमेंट सिस्टम। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षित युवा सूरज और अनिमा से सीधे ऑनलाइन बातचीत की और कहा — “झारखंड के युवा अपने सपनों को संजोकर आगे बढ़ सके, यही अबुआ सरकार का हमेशा प्रयास है।”
उद्योग विभाग: दावोस प्रगति, साइकिल-टेक्सटाइल उद्योग, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, झारक्राफ्ट और माटी कला बोर्ड को नई गति देने के निर्देश।
खान एवं भूतत्व विभाग: खनिज उत्पादन बढ़ाने, राजस्व वृद्धि, निष्क्रिय खदानों की मैपिंग और अवैध खनन पर सख्ती।
स्वास्थ्य विभाग: ANM-GNM और डॉक्टरों की तुरंत बहाली, AI आधारित एंबुलेंस सिस्टम, ABHA कार्ड ड्राइव, अस्पतालों का कायाकल्प, मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाना, रेफरल सिस्टम का ऑडिट और अबुआ दवाखाना को जल्द शुरू करना।
खाद्य, सार्वजनिक वितरण: धान-दलहन अधिप्राप्ति, दाल-भात केंद्रों की बेहतर व्यवस्था, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम और आहार दिवस को और प्रभावी बनाना।
परिवहन विभाग: पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप, EV चार्जिंग स्टेशन, ट्रैफिक जागरूकता और हैवी व्हीकल ड्राइविंग इंस्टीट्यूट।
राजस्व, कर एवं निबंधन: भूमि डिजिटलीकरण, AI का उपयोग, भूमिहीनों को पट्टा वितरण और अमीन पदों की भराई।
कल्याण विभाग: स्कॉलरशिप, हॉस्टल निर्माण, दिव्यांगजनों के लिए ट्राई-साइकिल, आश्रम स्कूलों का विकास, वन अधिकार पट्टा और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का मूल्यांकन।
हेमंत सोरेन का विजन: “अबुआ सरकार हर विभाग को गति दे रही है ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।” यह सतत समीक्षा प्रक्रिया आत्मनिर्भर झारखंड के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले ही मईया सम्मान योजना से 50 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ, किसानों का कर्ज माफी, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, उत्कृष्ट स्कूल, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य-शिक्षा सुधारों से राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।झारखंड अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
हेमंत सोरेन सरकार में झारखंड एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, समावेशी और प्रगतिशील राज्य की ओर बढ़ रहा है। हेमंत सोरेन की अबुआ सरकार जमीनी स्तर पर काम कर रही है, जहां युवा स्किल सीखकर रोजगार पा रहे हैं, महिलाएं सशक्त हो रही हैं, किसान-मजदूर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं औरस्वास्थ्य-शिक्षा की सुविधाएं हर गांव तक पहुंच रही हैं।
Also Read :
Rims -2 प्रोजेक्ट पर बढ़ा घमासान: भूमि पूजन से पहले छावनी में तब्दील हुआ इलाका, भारी पुलिस बल तैनात
धनबाद: टांडा बारी में फिर धंसी जमीन, पांचवीं घटना से ग्रामीणों में दहशत; दर्जनों घर खतरे की जद में


















