मानगो नगर निगम पर सरयू राय का हमला: “मनमानी नहीं चलने देंगे”, गांधी मैदान से मेयर को दी चेतावनी

By Niraj Tiwari
जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निगम नियम-कानून के बजाय मनमानी से चलाया जा रहा है। इसी के विरोध में सोमवार को मानगो गांधी मैदान में धरना आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि यह धरना केवल विरोध नहीं, बल्कि नगर निगम प्रशासन और मेयर के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मीडिया से बातचीत में सरयू राय ने कहा कि मानगो नगर निगम में प्रशासनिक व्यवस्था को भी नियमों के विपरीत संचालित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वरिष्ठ अधिकारी को ऐसे पद पर बैठा दिया गया है, जहां पहले से कार्यरत अपर नगर आयुक्त उनसे जूनियर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई वरिष्ठ अधिकारी अपने जूनियर के अधीन कैसे काम कर सकता है। इससे स्पष्ट होता है कि नगर निगम को किस मानसिकता से चलाया जा रहा है।

डिमना रोड के नालों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्ष पहले सड़क चौड़ीकरण के बाद उनके आग्रह पर टाटा स्टील ने दोनों ओर नालों का निर्माण कराया था। अब मेयर यह दावा कर रही हैं कि इन नालों की सफाई 20 वर्षों से नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि जो नाले 10 साल पहले बने हैं, उनकी सफाई 20 साल से लंबित होने का दावा पूरी तरह भ्रामक है।
सरयू राय ने कहा कि नगर निगम के कार्यों को दो हिस्सों में बांटा जाना चाहिए। पहला, जनसुविधा से जुड़े कार्य और दूसरा, विकास कार्य। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उन्होंने नगर विकास मंत्री से भी चर्चा की है। उन्होंने कहा कि जनसुविधा से जुड़े कार्यों पर उनकी पैनी नजर रहेगी ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो, जबकि विकास कार्यों में भी वे सहयोग करेंगे ताकि जनता को उसका लाभ मिल सके।
विधायक ने आरोप लगाया कि नगर निगम का पूरा ध्यान केवल ठेकेदारों पर केंद्रित है। उनके अनुसार, कुछ लोग चाहते हैं कि योजनाएं स्वीकृत हों, पैसा आए और उनके पसंदीदा ठेकेदारों को काम मिले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में किसी को रोका नहीं जा सकता और सभी कार्य नियमानुसार ही होने चाहिए। यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई तो विधानसभा में विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज) प्रस्ताव लाया जाएगा।
उन्होंने मेयर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनका ध्यान नगर निगम के पैसों पर रहेगा तो योजनाओं का सही क्रियान्वयन संभव नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नालों की सफाई केवल 10 प्रतिशत हुई, जबकि भुगतान पूरा कर दिया गया।
सरयू राय ने यह भी कहा कि मानगो नगर निगम क्षेत्र में वर्षों से लंबित विकास योजनाएं, बदहाल जल निकासी व्यवस्था, पेयजल संकट, खराब सड़कें और नालियों की स्थिति तथा विकास कार्यों में अनियमितताओं के विरोध में यह धरना आयोजित किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि 29 दिसंबर 2025 को 12 करोड़ 13 लाख रूपये की लागत वाली 38 विकास योजनाओं का शिलान्यास होने के बावजूद आज तक उनका क्रियान्वयन शुरू क्यों नहीं हो सका।
सरयू राय के प्रमुख बयान
मानगो नगर निगम नियम-कानून से नहीं, मनमानी से चलाया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी को जूनियर के अधीन काम कराना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
10 साल पहले बने नालों की सफाई 20 साल से लंबित होने का दावा तथ्यहीन है।
नगर निगम के कार्यों को जनसुविधा और विकास दो हिस्सों में बांटा जाना चाहिए।
मेयर का ध्यान यदि निगम के पैसों पर रहेगा तो योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं होगा।
निगम में अफसरों और ठेकेदारों को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है।
नालों की सफाई केवल 10 प्रतिशत हुई, जबकि भुगतान पूरा कर दिया गया।
यदि अनियमितताएं जारी रहीं तो विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाएगा।
















