समाहरणालय परिसर में संवेदकों का धरना, लंबित भुगतान और ऑनलाइन रॉयल्टी व्यवस्था के खिलाफ जताया विरोध

निर्मल सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुमला: जिले में विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े संवेदकों ने बुधवार को समाहरणालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। संवेदकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
धरना के दौरान संवेदकों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा ऑनलाइन रॉयल्टी चालान को अनिवार्य तो कर दिया गया है, लेकिन इसकी सुगम व्यवस्था अब तक सुनिश्चित नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि जब तक ऑनलाइन प्रणाली पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो जाती, तब तक पुराने तरीके से रॉयल्टी लेकर विपत्रों का भुगतान किया जाए।
संवेदकों ने कहा कि एससीए (SCA) मद से कराए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण कई संवेदक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि कर्ज और ब्याज का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि मजदूरों और आपूर्तिकर्ताओं के भुगतान को लेकर उन्हें प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संवेदकों ने वर्ष 2022 के शेड्यूल ऑफ रेट (SOR) को वर्तमान परिस्थितियों में अव्यावहारिक बताते हुए नई दरें तत्काल लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि सीमेंट, सरिया और बालू जैसी निर्माण सामग्री की कीमतों में भारी वृद्धि हो चुकी है, लेकिन भुगतान अब भी पुराने SOR के आधार पर किया जा रहा है।
धरना के दौरान लघु सिंचाई विभाग के अकाउंटेंट विक्रम कुमार पर मनमानी और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया। वहीं, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता पर निविदा निस्तारण में भेदभाव बरतने का आरोप लगाते हुए उनकी कार्यशैली एवं सभी निविदाओं की जांच कराने की मांग उठाई गई।

संवेदकों ने 50 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए ऑफलाइन निविदा प्रक्रिया लागू करने, अनलिमिटेड लेस व्यवस्था समाप्त कर 10 प्रतिशत लेस बहाल करने तथा विभागीय कार्यालयों में संवेदकों के लिए सम्मानजनक बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की।
संवेदक संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता उर्फ गुड्डू ने कहा कि यदि विकास कार्यों में अहम भूमिका निभाने वाले संवेदकों को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा, तो इसका असर जिले के विकास कार्यों पर भी पड़ेगा।
धरना-प्रदर्शन में दिलीप नाथ साहू, गोपीनाथ सिंह, दिनेश साहू, दीपक अग्रवाल, पिंटू सिंह, आनंद कुमार गुप्ता, कौशल साहू, आशिक अंसारी, यशवंत कुमार सिंह, विनोद गुप्ता, राजेश भारती, देवी सिंह समेत बड़ी संख्या में संवेदक उपस्थित रहे।















