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झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती: पुलिस थानों में CCTV लगाने में पर डीजीपी को व्यक्तिगत जिम्मेदारी, 27 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

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रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में राज्य सरकार और पुलिस विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल विभागों के बीच पत्राचार और टेंडर प्रक्रिया का हवाला देकर न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से बचा नहीं जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने 18 जून 2026 को पारित आदेश में कहा कि सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक द्वारा दायर शपथपत्र संतोषजनक नहीं है। इसमें केवल यह बताया गया कि सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है, जबकि यह नहीं बताया गया कि अब तक आदेशों का पालन क्यों नहीं हुआ।

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कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि सामान्य नौकरशाही प्रक्रियाओं का सहारा लेकर आदेशों के अनुपालन में अनावश्यक देरी की जा रही है। न्यायालय ने कहा कि इस तरह का रवैया न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना माना जा सकता है।

खंडपीठ ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करें और 18 जून 2026 से दो माह के भीतर राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करें। साथ ही डीजीपी को 24 अगस्त 2026 तक व्यक्तिगत रूप से शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। शपथपत्र के साथ स्थापित कैमरों के फोटोग्राफ और अन्य साक्ष्य भी संलग्न करने होंगे।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया और फिर से नौकरशाही देरी का हवाला दिया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अवमानना (Contempt) की कार्रवाई पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आदेश की प्रति मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया, ताकि समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

इस बीच, 30 जुलाई 2026 को मामले की सूची में तकनीकी कारणों से इसे “Wrongly Listed” दर्शाया गया। इसलिए इस दिन मामले पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अब इस जनहित मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त 2026 को होगी। उस दिन हाईकोर्ट डीजीपी द्वारा दाखिल अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।

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