Children forced to use a broken culvert to get to school daily; villagers concerned about the risk of accidents.

टूटी पुलिया से रोज स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, हादसे की आशंका से ग्रामीण चिंतित

Children forced to use a broken culvert to get to school daily; villagers concerned about the risk of accidents.
Children forced to use a broken culvert to get to school daily; villagers concerned about the risk of accidents.

शंभू कुमार सिंह

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सिमडेगा: पाकरटांड़ प्रखंड के मंदार गांव में क्षतिग्रस्त पुलिया स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। बारिश के मौसम में पुलिया के नीचे पानी का तेज बहाव और गहरा गड्ढा होने के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद छोटे-छोटे बच्चे रोज इसी रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं।

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ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण बच्चों को पार कराने के लिए कई बार परिजनों को खुद उनके साथ जाना पड़ता है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। वहीं, वैकल्पिक रास्ता करीब तीन किलोमीटर लंबा होने के साथ कीचड़ से भरा है, जिससे स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती है।

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ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से पुलिया के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को समस्या की जानकारी होने के बावजूद समाधान नहीं हो सका है।

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भाजपा मंडल अध्यक्ष सीताराम प्रसाद हुंदु साहू ने भी पुलिया की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुलिया का अविलंब निर्माण कराने की मांग की है।

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ग्रामीणों ने भी आशंका जताई है कि यदि जल्द पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक करता है।

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